कप्तानगंज। सोमवार देर शाम सुधियानी बाजार से लौटते समय साइकिल सवार 35 वर्षीय युवक किसी वाहन की चपेट से गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने कप्तानगंज सीएचसी पहुंचाया, डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी होने पर हियुवा नेताओं ने पीड़ित परिवार के घर जाकर ढांढस बंधाया।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव के निवासी राजेश चौहान (35) सोमवार की शाम करीब छह बजे साइकिल से सुधियानी बाजार गए थे। लौटते समय कप्तानगंज-पिपराइच मार्ग पर साखोपार नहर के पास हादसे का शिकार हो गए। लोगों ने उनके घरवालों को सूचना दी और कप्तानगंज सीएचसी ले गए।
हियुवा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना कार्यकर्ताओं के साथ राजेश चौहान के घर पहुंचे और उनके घरवालों को ढांढस बंधाया। उन्होंने एसडीएम से फोन पर बात की तथा पीड़ित परिवार की मदद करने की गुजारिश की। एसओ शैलेश कुमार सिंह ने युवक के परिवारवाले शव लेकर अपने घर चले गए थे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
गए थे सब्जी लेने, आई मौत की खबर
कप्तानगंज। राजेश की पत्नी और बच्चे आने वाली आफत से अनजान उनके आने की राह देख रहे थे, तभी देर शाम किसी ने राजेश के मौत की सूचना दे दी। उसके बाद राजेश की पत्नी सुुनीता की तो मानो दुनिया ही लुट गई हो। वह जिस हाल में थी, रोती-गिरती घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। बच्चे भी अचानक मां के रोने-चिल्लाने से अवाक थे।
पोखरभिंडा गांव के लोगों ने बताया कि राजेश ही परिवार के मुखिया थे। न खेती है और न रहने के लिए पक्का घर। फूस की झोपड़ी में किसी तरह कुनबा गुजर-बसर करता है। राजेश की मजदूरी पर ही परिवार का भरण पोषण निर्भर था। राजेश की मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का भी संकट उत्पन्न हो गया है।
पति की अचानक मौत से सुनीता रोते-रोते कह रही थी कि अब हमरे बबुआ-बबुनी के गुजारा कैसे होई? उधर, राजेश का बड़ा बेटा सात वर्षीय अजय, 6 वर्षीय काजल, 3 वर्षीय आंचल और एक साल का अंश मां को रोते-बिलखते देखकर उसकी ओर टकटकी लगाए हुए थे।