कुशीनगर। खड्डा कस्बे में कॉलेज जा रही छात्रा के साथ बीते 25 जून को टेंपो से खींचकर छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास जैसे हुए दुस्साहसिक वारदात के बाद भी पुलिस की सुस्ती से पीड़ित पक्ष सहम गया है। घर वाले इस मामले में कार्रवाई तो चाहते हैं, लेकिन अंजाम के भय से खुलकर अपनी पैरवी भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं अब तक पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी दो युवक खुलेआम लोगों को धमकी दे रहे हैं। यहां तक कि खबर छापने वाले पत्रकारों को भी जान से मारने व किसी फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना आश्चर्यजनक है।
बीते 25 जून की सुबह खड्डा कस्बे में जो कुछ हुआ वह नई सरकार के दावे को झुठलाने के लिए काफी था। पुलिस के इकबाल को खुलेआम चुनौती देते हुए कॉलेज जा रही छात्रा को टेंपो से खींचकर इज्जत से खिलवाड़ करने की कोशिश की गई। एक आरोपी को लोगों के सहयोग से पकड़कर पुलिस को सौंपा गया। इसके बाद पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया लेकिन केवल पकड़े गए आरोपी को ही जेल भेजकर शांत हो गई। इस घटना के बाद खड्डा क्षेत्र के तमाम वे लोग जिनके घर की लड़कियां स्कूल-कॉलेज में पढ़ने जाती हैं, उनकी चिंता बढ़ गई। इस मामले में पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए मुकदमा तो दर्ज कराया लेकिन पुलिस का रवैया बेहद सुस्त है। पुलिस शुरू से ही इस मामले में दबाव में दिख रही है। आरोपियों पर कार्रवाई न होते देख पीड़िता के घर वाले भी अब सहम गए हैं। वे लड़की के भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। घरवाले बेटी की इस लड़ाई को और मजबूती से लड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उसके भविष्य की चिंता उन्हें कदम आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। आश्चर्यजनक यह है कि इस मामले में बाकी जिन आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश करने का दावा कर रही है वे सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और खबर छापने वाले पत्रकारों को भी अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही आरोपियों के घरवाले भी पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने और गाड़ी से कुचलवा देने जैसी धमकी दे रहे हैं। पत्रकारों ने तीन दिन पहले खड्डा एसओ से मिलकर ज्ञापन दिया था। पुलिस ने तब भी कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन उस पर अमल अब तक नहीं हो सका है।