जिले की जमीन पर बिहार के लोगों का कब्जा
जमीन के वास्तविक काश्तकार हक पाने को लेकर है परेशान
जंगल पार्टी के डकैतों से साठगांठ कर मनबढ़ों ने जमा लिया था कब्जा
तहसील प्रशासन कार्रवाई के लिए टीम गठित करने की शुरू की तैयारी
विद्याधर तिवारी
खड्डा। कुशीनगर की करीब 500 एकड़ जमीन पर बिहार के लोग अवैध तरीके से खेती कर रहे हैं। जबकि वास्तविक भूमिधर कब्जा पाने के लिए लंबे समय से परेशान हैं। अब वैसे तहसील प्रशासन की ओर से अवैध कब्जेदारों के खिलाफ भूमाफिया के तहत कार्रवाई के साथ-साथ जुर्माने की रकम वसूलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
खड्डा तहसील के बालगोविंद छपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर आदि गांवों में बिना खतौनी में नाम के ही करीब 500 एकड़ जमीन पर बिहार के लोगों ने कब्जा कर वास्तविक काश्तकारों को उनके हक से वंचित कर रखा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि खड्डा तहसील क्षेत्र के गंडक नदी पार बायीं तरफ की सीमा बिहार के बगहा अनुमंडल के लगभग 18 किलोमीटर तक के गांवों व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से सटी है। कुछ वर्ष पहले दोनों प्रदेश की राजस्व टीम ने लगभग तीन किलोमीटर छोड़कर शेष जमीन का सीमांकन कर दोनों प्रदेशों की सीमा का निर्धारण कर पिलर खड़ा करा दिया था। सीमा निर्धारण के पूर्व बिहार के दबंगों ने जंगल पार्टी के डकैतों से साठगांठ कर यूपी वाले हिस्से पर कब्जा कर लिया था और विरोध कर रहे वास्तविक किसानों को खदेड़ दिया था। सीमा निर्धारण के बावजूद अतिक्रमण कारी जमीन वापस करने को तैयार नहीं है। लोगों का कहना है कि कसीदगी इतनी बढ़ गई है कि कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने बताया कि यूपी की जमीन पर अवैध कब्जा जमाने वालों के खिलाफ एंटी भू-माफिया के तहत कार्रवाई कर जमीन से बेदखल किया जाएगा। अवैध कब्जा करके लंबे समय से खेती करने की वजह से जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। टीम गठित की जा रही है।