टावर पर चढ़े व्यक्ति को उतारने के बाद ले जाती पुलिस।
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तमकुहीरोड (कुशीनगर)। आसरा योजना के तहत भवन निर्माण में बाधा डालने से आहत उद्यमी परिषद के प्रबंध निदेशक जितेंद्र मोहन श्रीवास्तव सेवहरी कस्बे के जानकीनगर मोहल्ले में टॉवर पर चढ़ गए। इससे मोहल्ले के लोग सकते में आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस उनसे नीचे उतरने की मनुहार की, लेकिन वे समस्या का समाधान कराने की जिद पर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे तक चले हाईवोल्टेज के बाद एसडीएम अरविंद कुमार ने मोबाइल पर वार्ता की और समस्या के निस्तारण का आश्वासन देकर उन्हें टॉवर से नीचे उतारा।
सेवरही नगर पंचायत के इंदिरानगर निवासी जितेंद्र मोहन श्रीवास्तव उद्यमी परिषद सेवरही के प्रबंध निदेशक और जीडी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज सेवरही के पार्टनर हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री समेत तमाम अधिकारियों के नाम अपील जारी की थी। कहा था कि सीएनडीएस यूनिट 19 गोरखपुर के जेई और ठेकेदार के साथ कुछ राजनीतिक रसूख वाले लोग उनके काम में बाधा डाल रहे हैं।
आसरा योजना के तहत भवन निर्माण से उन्हें वंचित करने की साजिश की जा रही है। इससे उन्हें लगभग 45 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है। जबकि इस परियोजना को पास कराने से लगायत निर्माण कार्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अपील के साथ ही पत्र में यह चेतावनी भी दी गई थी कि अगर उनकी इन सारी समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान यदि 19 जून तक नहीं किया जाता है तो वह किसी न किसी मोहल्ले में आत्महत्या कर लेंगे। बावजूद इसके कोई सकारात्मक पहल होती नहीं देख वह शुक्रवार को सारे साक्ष्य के साथ पानी और बैग लेकर सुबह 10.40 बजे निजी मोबाइल कं पनी के टॉवर पर चढ़ गए और आत्महत्या की चेतावनी देने लगे।
मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और उनकी मनुहार करने लगी। बाद में एसडीएम अरविंद कुमार और सेवहरी एसओ धर्मेंद्र कुमार सिंह पहुंचे और मोबाइल से वार्ता की। एसडीएम के आश्वासन पर वह नीचे उतरे। पुलिस उन्हें थाने ले गई। एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि मामला ठेकेदारी से जुड़ा है। नियमानुसार उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया है। टॉवर पर चढ़ कर इस तरह की हरकत करना कानूनन अपराध है। पुलिस को जितेंद्र मोहन श्रीवास्तव के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।