साथ निभाने की कस्में खाने वाले बहा रहे रिश्तों का खून
पूर्व में हुईं ऐसी कई जघन्य हत्याएं हैं इस बात की बानगी
जीवन साथी के चरित्र पर शक में मासूमों पर भी चला दी थी छुरी
राकेश कुमार गौंड़
पडरौना। बदलते परिवेश में आदमी का धैर्य इस कदर साथ छोड़ दे रहा है कि जिस जीवन साथी के साथ जन्म-जन्म का साथ निभाने की कस्में खाई थीं, उन पर छुरी चलाने में भी हाथ नहीं कांपते। चरित्र पर संदेह होने पर जीवन साथी के साथ-साथ अपने अंश की जान लेने में भी तनिक संकोच नहीं करते। क्षण भर का क्रोध बसी-बसाई गृहस्थी को रक्तरंजित बना दे रहा है। रविवार की रात रामपुर बरहन गांव के खानगी टोला की घटना हो या फिर 23 मई की रात पडरौना क्षेत्र के भरवलिया की। ऐसी कई घटनाएं जीवन साथी पर घटते धैर्य और विश्वास में कमी की गवाही देती हैं।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन गांव के खानगी टोला में 26 मई की रात मंटू मद्धेशिया नाम के युवक ने पत्नी के चरित्र पर संदेह होने पर ससुराल पहुंचकर साले के 14 वर्षीय बेटे आदित्य पुत्र रघुपत पर कुल्हाड़ी से प्रहार करके गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। उसके बाद 55 वर्षीय सास किसमती एवं 62 वर्षीय ससुर बांगुर को सोते समय मौत के घाट उतार दिया। फिर रात में ही भागकर 40 किलोमीटर दूर बिहार के गोपालगंज जिले के कटया थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मकटा गांव स्थित अपने घर पहुंचा और पत्नी शांति की गला दबाकर तथा अपने पिता जयराम के सिर पर्र इंट से प्रहार कर हत्या की कोशिश की। इसके पूर्व भी जिले में चरित्र पर संदेह में कई जघन्य हत्याएं हो चुकी हैं।
केस-एक
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के दांदोपुर गांव के निवासी एवं कप्तानगंज सीएचसी के चीफ फार्मासिस्ट रहे माधव मुरारी सिंह ने भरविलया स्थित आवास में रह रही पत्नी सुमन, आठ वर्षीय पुत्र विक्रम और तीन वर्षीय कन्नू की 23 मई 2018 को धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। बेटी माधुरी ने छत से कूदकर जान बचाई थी। खुद भी जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
केस-दो
दिसंबर 2015 में विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही के सुराजी बाजार रोड निवासी कमरुद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने पत्नी और दो बेटों की फरसा से काटकर हत्या कर दी थी। बताया गया था कि यह हत्या उसने पत्नी के चरित्र पर संदेह होने पर की थी। उसके बाद ट्रेन से पडरौना और यहां से बस से देवरिया जेल जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
केेस-तीन
जनवरी 2016 में विशुनपुुरा थाना क्षेत्र के राजा अंसारी नाम के एक व्यक्ति ने पत्नी को फरसा से काटकर मार डाला था। उसके बाद वह रक्तरंजित हथियार लिए घर में ही बैठा रहा, लेकिन उसे पकड़ने की न तो गांववालों की हिम्मत हो रही थी और न ही पुलिस की। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे पकड़ा था।
केस-चार
वर्ष 2006 में विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ही मैहरवा गांव में तो आशमा नाम की एक महिला ने अपने पति की ही हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि इस महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को धारदार हथियार से काटकर मार डाला था। उसके बाद पति के शव को घर में ही दफना दिया था।
बढ़ती कुंठा और अपेक्षाएं बन रहीं वजह
लोगों में बढ़ती कुंठा और अपेक्षाएं ऐसी घटनाओं के लिए अधिक जिम्मेदार हैं। ऐसे लोग दूसरों से उम्मीद तो रखते हैं, उन पर अधिकार भी जमाते हैं, लेकिन खुद अपने कर्तव्य से पीछे हट जाते हैं। कुछ अपेक्षाएं पूरी होती हैं, कुछ पूरी न होने पर दूसरों से उम्मीद लगा बैठते हैं। ऐसे में लोग घातक कदम उठाते हैं।
-डॉ. सीमा त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग
बुद्ध पीजी कॉलेज, कुशीनगर
शक का कोई इलाज नहीं, यह लेकर आता है तबाही
हेमंत मधुप/कृष्णनंदन खरवार
दुदही। कहा जाता है कि दुनिया में शक का कोई इलाज नहीं है। यह बरवापट्टी थाने के रामपुर बरहन गांव के खानगी टोला में साबित भी हो गया। पत्नी के चरित्र के शक पर न केवल दो जानें चली गईं, बल्कि दो परिवार बिखर गए।
बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन टोला खानगी निवासी बांगुर गुप्ता बेटी शांति का विवाह फरवरी 2018 में बिहार प्रांत के कटेया थाना क्षेत्र के धर्मकटा गांव निवासी मंटू मद्धेशिया के साथ किया था। दो माह तक पति-पत्नी में अटूट प्रेम रहा। प्रेम इतना बढ़ा कि भावुकता में शांति ने अपने पुराने प्रेम-प्रसंग की बात पति से बता दी। उस दिन से पति और पत्नी में अनबन चलने लगी। पति के दिमाग में शक समा गया। फ़िर विदेश गया और लौटकर तो आया, लेकिन दिमाग से शक नहीं निकला। विदेश से आने के बाद भी उस बात को लेकर चल रही पति-पत्नी की अनबन दूर न हुई। इस बात को लेकर एक सप्ताह पहले पति-पत्नी में जमकर झगड़ा हुआ। यह शक इस कदर चढ़ा कि रविवार की रात पत्नी के प्रेम-प्रसंग की बात बताने ससुराल चला आया और सास-ससुर से कहा। फ़िर मंटू को लगा कि सास-ससुर उसकी पत्नी को समझा नहीं रहे हैं और उसके बाद रात में सास-ससुर की हत्या कर दी।
पुलिस ने दिखाई तत्परता, शांति की बचा ली जान
हत्या की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई। एसओ श्रीप्रकाश ने घटना की सूचना मिलते ही एसपी राजीव नारायण मिश्रा और सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह को सूचना दी। 20 मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंच गए। उस वक्त गांव के इक्का-दुक्का लोगों को ही घटना की जानकारी थी। जैसे ही एसओ और सीओ घटनास्थल पर पहुंचे की शांति ने अपनी छोटी बहन के मोबाइल पर फोनकर गला दबाकर हत्या के प्रयास की सूचना दी। यह खबर सुनते ही सीओ, एसओ बरवापट्टी, एसओ सेवरही फोर्स के साथ गांव के दो लोगों को गाड़ी से लेकर बिहार प्रांत के धर्मकटा गांव पहुंच गए। उस समय आरोपी अपनी पत्नी को मारने के लिए ढूंढ रहा था। तत्काल पुलिस ने आरोपी मंटू को गिरफ्तार कर लिया, जिससे शांति की जान बच गई।
घटना की सूचना पर पहुंचे अफसर और नेता
रामपुर बरहन गांव के खानगी टोला की इस घटना की सूचना पर तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू, तमकुहीराज प्रमुख वशिष्ठ उर्फ गुड्डू राय, भाजपा नेता अजय तिवारी, बलवंत सिंह, समेत कई लोग पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली। इनके अलावा पुलिस विभाग के अफसर भी पहुंचे।