सेना भर्ती में 40.80 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
फर्जी तरीके से परीक्षा और रिजल्ट घोषित करा दिया था
12 युवकों के साथ हुई थी ठगी, तहरीर मिलने पर पुलिस ने शुरू की थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। जिले की पुलिस ने सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ठगी के आरोप में पकड़े गए दोनों आरोपी बिहार के गोपालगंज जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने मंगलवार को पुलिस लाइन में इसका पर्दाफाश करते हुए बताया कि एएसपी नार्थ गौरव बंसवाल और सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को कसया क्षेत्र के अहिरौली राय निवासी मेराज आलम ने तहरीर दी थी कि उसे और उसके कुछ साथियों से अजय कुमार सिंह और अमरजीत सिंह जो बिहार के गोपालगंज जिले के थाना उचका के आसनंद टोला बटेसरा के निवासी हैं, उन्होंने रंजीत गौतम उर्फ दीपक निवासी खिरकिया कोतवाली पडरौना और अनिल वर्मा निवासी नंदना, थाना बड़हरिया, जिला सीवान के साथ मिलकर अर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लाख 80 हजार रुपये हड़प लिया है।
एसपी ने बताया कि इसमें मास्टर माइंड अनिल वर्मा है, जो जालंधर (पंजाब) में आर्मी बटालियन में कलर्क है। अजय और अमरजीत उसके मुख्य सहयोगी हैं, जो कुल 12 युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर 40. 80 लाख रुपये पंजाब के आर्मी मुख्यालय पहुंचे और वहां अनिल से मुलाकात कराए। अनिल ने जालसाजी व कूटरचित तरीके से प्रवेश पत्र जारी कराकर परीक्षा दिलाई तथा रिजल्ट घोषित बताकर सबका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उनमें चार युवकों को सिकंदराबाद, चार को गोवा और चार को नासिक ट्रेनिंग सेंटर डिस्पैच कोड के साथ भेज दिया। जब ये युवक तीनों ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे तो वहां के अधिकारियों ने डिस्पैच फाइल फर्जी घोषित कर दी और इन्हें वहां से वापस भेज दिया। इस मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी, जिसमें दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। एसपी ने बताया कि इस कार्रवाई में पडरौना कोतवाली के एसआई नागेंद्र सिंह, दिवाकर मिश्र, कांस्टेबल प्रवेश कुमार शामिल थे।