सेवरही। किसान पीजी कॉलेज तमकुहीरोड में पिछले दिनों हुई सागौन की नीलामी के बाद गुरुवार को पेड़ काटने आए मजदूरों व छात्रनेताओं में नोकझोंक हुई। कॉलेज में तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही मामला शांत हो गया। छात्रनेताओं का कहना है कि पेड़ काटने से पर्यावरण का खतरा होगा। जबकि कॉलेज प्रशासन और निविदा लेने वाले ठेकेदार ने इस नीलामी को वैधानिक बताया है।
गुरुवार को किसान पीजी कॉलेज तमकुहीरोड में पिछले कई दिनों से सागौन की कटाई कराए जाने को लेकर मजदूरों, ठेकेदार व छात्रनेताओं के बीच नोकझोंक होने लगी। छात्रसंघ के अध्यक्ष विकास पांडेय ने बताया कि सागौन काटना गलत है। महामंत्री वर्तिका श्रीवास्तव ने भी इसे पूरी तरह अनुचित बताया। यदि पेड़ काटे गए तो आरपार का संघर्ष होगा।
जबकि ठेकेदार राजू जायसवाल का कहना है कि उनके मजदूरों को पीटा गया है। निविदा की संपूर्ण शर्तों को मानकर ही नीलामी ली गई है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह विधि सम्मत और पारदर्शी है। ऐसे में मजदूरों के साथ मारपीट करना पूरी तरह गलत है। एसओ रामाज्ञा सिंह ने बताया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। अराजकता फैलाने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।