सड़क हादसों में दो की मौत, एक गंभीर
एनएच के ओवरब्रिज पर खड़े ट्रक में टकरा गई मिनी बस
बाइक का संतुलन बिगड़ने से हुई दूसरी दुर्घटना
फोटो के साथ
अमर उजाला ब्यूरो
हाटा/गुरवलिया बाजार। बुधवार को दीपावली की देर रात हुए दो अलग अलग सड़क हादसों में दो व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ। सबसे वीभत्स हादसा हाटा के ओवरब्रिज पर हुआ, जहां खड़े ट्रक में मिनी बस टकरा गई। बस में दो चालक ही थे। उनमें एक की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों गाड़ियों को अलग कर शव बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बुधवार की रात करीब एक बजे बिहार की तरफ से मिनी बस दिल्ली जा रही थी। बस में दो चालक थे। एक बस चला रहा था, दूसरा केबिन में सो रहा था। हाटा में ओवरब्रिज पर पहुंचते ही बस किनारे खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई। बस का बायां हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में सो रहा राजस्थान के चुरू जिले का चालक रणवीर (40) बस के अगले हिस्से में बुरी तरह से फंस गया। कुछ दूर पर मौजूद दुुकानदारों ने रणवीर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बस चला रहा दूसरा चालक इस हादसे में बाल बाल बच गया। वह भी राजस्थान का ही निवासी 35 वर्षीय बृजेंद्र कुमार बताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक और बस कब्जे में ले लिया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी रात तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में कसया-तमकुही रोड पर स्थित पनसरवा गांव के पास अनियंत्रित होकर बाइक गिर जाने से उस पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चला रहे सेमरा हर्दोपट्टी निवासी 31 वर्षीय उदय प्रताप सिंह को सीएचसी कुबेरस्थान ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जबकि पीछे बैठे 20 वर्षीय धनंजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। उधर, बृहस्पतिवार को उदय प्रताप के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दुर्घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है।
दो अलग-अलग हादसों में दो व्यक्ति घायल
ढाढ़ा। हाटा कोतवाली क्षेत्र के जोल्हिनिया स्थित पेट्रोल पंप के सामने बुधवार को दो अलग अलग मार्ग दुर्घटनाओं में दो लोग घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली पहुंचाया, जहां उनका इलाज हुआ।
आहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के पिपरही निवासी राजेंद्र उम्र 50 वर्ष जोल्हिनिया स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर पिपरही जा रहे थे कि गोरखपुर की तरफ से आ रहे किसी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे राजेंद्र प्रसाद गिरकर घायल हो गए। वहीं कुछ देर बाद मझना नाले के पास अहिरौली थाना क्षेत्र के मिश्रौली निवासी इस्रायल उम्र 45 वर्ष स्कूटी से घर जाते समय किसी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। इन्हें भी सुकरौली पीएचसी में भर्ती कराया गया।
रोटावेटर की चपेट में आने से बालक की मौत
फर्दमुंडेरा गांव में खेत की जुताई के दौरान हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
मथौली बाजार। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के फर्दमुंडेरा गांव में खेत की जुताई के दौरान दस वर्षीय बालक रोटावेटर की चपेट में आ गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घरवाले उसे मथौली बाजार सीएचसी में ले गए, जहां उसकी हालत चिंताजनक देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई।
फर्द मुंडेरा गांव के निवासी विवेक बुधवार को दोपहर बाद ट्रैक्टर से अपने खेत की जुताई करा रहे थे। बताया जा रहा है कि उनका दस वर्षीय पुत्र विनय ट्रैक्टर पर ही बैठा था। अचानक वह ट्रैक्टर से नीचे गिर गया और रोटावेटर में फंस जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घरवाले उसे सीएचसी ले आए, लेकिन हालत नियंत्रण से बाहर होने के कारण डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान देर रात विनय की मौत हो गई। शव घर लाए जाने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दीपावली की रात बुझ गया घर का चिराग
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरवलिया बाजार। तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के सेमरा हर्दोपट्टी निवासी उमेश सिंह ने कभी सोचा भी न होगा कि इस दीपावली उनके घर का चिराग ही बुझ जाएगा। पनसरवा के पास हुए सड़क हादसे में उनके पुत्र उदय प्रताप की मौत हो गई। हेलमेट न पहनने की गलती उदय प्रताप सिंह के लिए जानलेवा साबित हुई।
रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि उदय गांव के ही वीरेश के पुत्र धनंजय के साथ किसी आवश्यक कार्य से गुरवलिया गया था। वापस आते समय वह दुर्घटना का शिकार हो गया। उदय ने सीएचसी कुबेरस्थान पहुंचते ही दम तोड़ दिया, जबकि धनंजय अस्पताल में जीवन-मौत के बीच जूझ रहा है। रात को उदय के मौत की खबर जब घर पहुंची तो पिता के साथ माता विद्या देवी, पत्नी नीलम को जैसे काठ मार गया। उनकी चीत्कार से आस पास के लोग भी जग गए। मां अपने कलेजे के टुकड़े का नाम ले लेकर विलाप कर रही थी तो छह वर्ष पूर्व विवाह के बंधन में बंधी नीलम अपने पति की मौत की खबर पर विलाप करते करते अचेत हो जा रही थी। पांच वर्षीय पुत्र यश भी अपने परिजनों का रोना बिलखना देखकर रोने लगा। उपस्थित ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि जब उमेश अपने जिम्मेदारियों को पुत्र के कंधे पर सौंपने वाले थे, तभी उन्हें अपने पुत्र के शव को कंधा देने की नौबत आ गई। परिजनों का रोना देख उपस्थित लोगों की आंखें भी भर जा रही थीं।