पडरौना। सोमवार को बीएसए कार्यालय पर निजी विद्यालय संचालकों और रामकोला के बीईओ के बीच हुई तकरार के मामले में मंगलवार को स्कूल संचालकों के विरुद्ध पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो गया। बीईओ की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद और 50 अज्ञात स्कूल संचालकों के विरुद्ध कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई नहीं करने समेत पांच मांगों को लेकर निजी प्रबंध/अशासकीय विद्यालय कल्याण समिति का एक गुट सोमवार को बीएसए कार्यालय पर धरना दे रहा था।
दोपहर बाद स्कूल संचालकों ने बीएसए कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला बंद कर दिया। इस बात को लेकर आंदोलनकारी स्कूल संचालकों और रामकोला के खंड शिक्षाधिकारी अखिलेश यादव के बीच तकरार हो गई थी।
माहौल बिगड़ने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर धरना दे रहे स्कूल संचालकों को वहां से खदेड़ा। मौके पर पहुंचे एडीएम रामकेवल तिवारी और एएसपी लालसाहब यादव ने बीएसए लालजी यादव के साथ पूरे प्रकरण पर चर्चा की। रात में ही बीईओ ने पडरौना कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई। मंगलवार को दिन के करीब 10 बजे बीईओ और कई शिक्षक नेता पडरौना कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली पुलिस ने बीईओ की तहरीर के आधार पर 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, सेवेन क्रिमिनल लॉ समेत कई आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पडरौना कोतवाल श्रीकांत राय का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। इस मामले में गिरफ्तार तीन लोगों को जेल भेज दिया गया है।