चौथी की मौत के बाद विलाप करते घर के लोग।
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पडरौना। माघी विशुनपुरा गांव के चौथी यादव (45) की मौत से उसके परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी और बेटियां व बेटे का रो- रो कर बेहाल हैं। गमगीन माहौल के बीच सभी आरोपी व्यवसायी दंपती पर कार्रवाई की गुहार लगा रहे थे। चौथी के पड़ोसी मनोज यादव सहित कई ने बताया कि एक पक्के कमरे और झोपड़ी व टिनशेड में परिवार रहता है। दो कट्ठा खेती की जमीन भी है। चार संतानें हैं। बड़ी बेटी सुनैना की शादी दो साल पहले हुई है। अविवाहित बेटा महेश (18) गुजरात के जामनगर कमाने गया था, मौत की सूचना पर घर आ रहा है। एक और बेटा विक्की (13) और बेटी तनु (9) हैं। चौथी पड़ोसियों की नजर में सज्जन आदमी थे। यही वजह थी कि उनकी मौत की खबर पर गांव के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर एकत्र थे। देर रात तक उनके दरवाजे पर भीड़ जुटी थी। वह 12 साल से व्यवसायी के कार चालक थे।इन लोगों ने बताया कि जब बेसुध हालत में चौथी को सौंपा गया तो उनके गले में काले रंग का धागा और बांह में सिर्फ ताबीज थी, जबकि उनका पर्स, ड्राइविंग लाइसेंस, बाइक की चाबी आदि कुछ भी नहीं मिला। मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं। वे चर्चा कर थे कि अब परिवार का और भरण-पोषण कैसे होगा। बड़े बेटा अभी अभी काम पर लगा है।
आरोप झूठा, जांच में सामने आ जाएगा सच : सुशील
व्यवसायी सुशील टिबड़ेवाल ने कहा कि जिस तारीख को हाटा-सुकरौली से गुजरने का जिक्र है वह तो उधर गए ही नहीं। घर पर शराब पीने की लत से उसकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। चौथी मंगलवार को दिन में उनके साथ कसया गया था। पेट में गैस की समस्या पर उसे एक दुकान से दवा दिलवाई गई। थोड़ा आराम होने के बाद फिर उसकी हालत बिगड़ गई। वह अपने कर्मचारियों की मदद से उसे जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित बताया। इसके पहले सूचना देकर उसके परिवार को बुलवा लिया था। किराए की गाड़ी से शव को उसके घर भिजवा दिया। उनके और पत्नी के ऊपर लगाया गया आरोप गलत है। पुलिस की जांच में आ जाएगा।
...लेकिन वह हादसा तो कहीं दर्ज नहीं
पुलिस को दी गई तहरीर में जिस हादसे का आरोप चौथी को सिर लेने के दबाव का आरोप है, फिलहाल वह किसी थाने में दर्ज ही न होने की जानकारी मिल रही है। हाटा के कोतवाल कमलेश सिंह और सुकरौली के चौकी इंचार्ज इंचार्ज ने 16 अप्रैल की रात साढ़े आठ-नौ बजे हाटा और सुकरौली के बीच किसी गाड़ी किसी लड़का-लड़की के टकारने का कोई मामला सामने नहीं आया।
मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
कोतवाल मिथिलेश राय ने बताया कि चौथी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। ऐसे में विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।