संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 14 जनवरी को थाना बेलहर कला में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को उसी थाने क्षेत्र निवासी आरोपी पांच जनवरी को बहला-फुसलाकर ले गया। काफी खोजबीन के बाद बेटी का पता नहीं चला। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचक ने पीड़िता का बयान व अन्य गवाहों के बयान के बाद दुष्कर्म और पॉक्सों एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की। आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई अपराध नहीं किया न ही किसी को भगाया है।
विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि नाबालिग पीड़िता के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया है, यह गंभीर अपराध है, जमानत निरस्त होने योग्य है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद