पडरौना। जिले की करीब 40 लाख की आबादी के लिए आरोग्य और खुशियां देने वाले विभाग के संविदा कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। जिले के विभिन्न पीएचसी, सीएचसी और मुख्यालय पर काम करने वाले करीब 52 संविदा कर्मियों को पिछले पांच महीने से मानदेय के नाम पर केवल तारीख मिल रही है। पिछले साल मानदेय नहीं मिलने से संविदा कर्मियों की दिवाली रोशन नहीं हो सकी थी। वहीं, अब हाेली फीकी होने का डर सता रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे करीब 52 संविदा कर्मचारियों की हालत दयनीय है। पिछले पांच महीनों से बिना मानदेय के काम कर रहे संविदाकर्मी मानदेय नहीं मिलने की वजह से तंगी की हालात में बसर कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न सीएचसी और पीएचसी पर तैनात मेडिसिन, सर्जिकल, नर्सिंग स्टॉफ व ड्राइवर समेत करीब 52 संविदा कर्मचारी की आपूर्ति करने के लिए आउटसोर्सिंग कंपनी पर कर्मचारी उपलब्ध कराने का ठेका अवनिधि परिधि नाम के संस्था को दिया गया है। फर्म ने संविदा कर्मचारियों की आपूर्ति स्वास्थ्य विभाग के कार्यादेश के अनुसार कर दिया। फर्म ने संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय पिछले पांच महीने से नहीं दिया है। नाम नहीं जाहिर करने के शर्त पर संविदा कर्मियों ने बताया कि उनको करीब पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है। दिवाली पर इसकी उम्मीद जगी थी लेकिन इसमें भी चार महीने बीत गए अबतक मानदेय नहीं मिलने से घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगले महीने होली है और मानदेय अगर समय से नहीं मिला तो त्योहार नहीं मना पाएंगे। हर महीने घर वाले मानदेय के बारे में पूछते हैं, उनकी जरूरतें भी नहीं पूरी हो पा रहीं हैं।
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मामला संज्ञान में है। शासन से मिलने वाले बजट के अभाव में संविदा कर्मियों का मानदेय नहीं दिया जा सका है। इस मामले में शासन स्तर से वार्ता चल रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालकर संविदा कर्मियों का मानदेय निर्गत कर दिया जाएगा। -डॉ. सुरेश पटेरिया, सीएमओ