मंसाछापर। डीपीआरओ के कार्य रोकने के आदेश के बाद भी चबूतरे का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। शनिवार को माघी कोठिलवा गांव में निर्माण के दौरान ही चबूतरे की दोनों तरफ की दीवार गिर गई थी। इसकी जानकारी होते ही डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को कार्य रोकने का निर्देश दिया था। उसके बाद भी गिरी दीवार को पूर्ण करा दिया गया।
आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा के माघी कोठिलवा गांव में पंचम राज्य वित्त योजना से काली स्थान पर 1.88 लाख रुपये की लागत से चबूतरे का निर्माण कराया जा रहा था। शनिवार को निर्माण के दौरान ही चबूतरे की दोनों तरफ की दीवारें भरभराकर गिर गईं। इससे काफी देर तक अफरातफरी मची रही। मामले कि जानकारी होते ही गांव के लोग जुट गए। वीडियो-फोटो बनाकर सोशल साइट्स पर पोस्ट कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ही सवाल उठाने लगे।
इसकी जानकारी होते ही डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने तत्काल एडीओ पंचायत भगवंत कुशवाहा को कार्य को रोकने का निर्देश दिया, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। जिम्मेदार ने गिरी दीवारों को आनन-फानन ठीक करा दिया। लोगों का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद ही निर्माण कार्य होना चाहिए। डीपीआरओ के निर्देश के बाद भी दीवारों को ठीक करवा दिया गया है, हालांकि टाइल्स का कार्य अभी होना है, लेकिन जांच के पहले ही कार्य कराना सवालों के घेरे में है।
डीपीआरओ का फोन मेरे पास आया था। मैंने तत्काल इंजीनियर को कार्य रोकवाने का निर्देश दिया था। अगर फिर भी कार्य हो गया है तो सचिव से जानकारी ली जाएगी। - भगवंत कुशवाहा, एडीओ पंचायत।