तुर्कपट्टी। गोपालगंज के पशु तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पटहेरवा थाने पर तैनात सिपाही की मिलीभगत का मामला सामने आया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तुर्कपट्टी पुलिस ने सिपाही को पटहेरवा थाने से हिरासत में ले लिया। दो घंटे तक थाने में पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। हालांकि इसके मोबाइल का सीडीआर के जरिए पुलिस सिपाही की भूमिका की जांच कर रही है।
पटहेरवा थाने पर तैनात सिपाही अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में बना रहता है। बार्डर के थाने और चौकियों पर इसकी तैनाती रही है और थानाध्यक्षों का करीबी बना रहता है। तुर्कपट्टी पुलिस ने दो पशु तस्करों को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में पटहेरवा थाने पर तैनात सिपाही का नाम सामने आया। इसके पहले भी इसकी शिकायत मिली थी। थानाध्यक्ष ने इसकी जानकारी सीओ और एसपी को दी।
एसपी के निर्देश पर तुर्कपट्टी थानाध्यक्ष पटहेरवा पहुंचे और सिपाही को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने पर लाए। अकेले में थानाध्यक्ष ने करीब दो घंटे तक सिपाही से पूछताछ की। उसके मोबाइल के मौजूद नंबरों की भी जांच हुई। सिपाही को फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन इसकी जांच गोपनीय तरीके से पुलिस कर रही है। कुछ साल पूर्व हनुमानगंज थाने पर तैनात महिला एसओ विभा पांडेय पर लकड़ी की तस्करी कराने के मामले में केस दर्ज हुआ था। उस मामले में इस सिपाही का भी नाम सामने आया था। बहुत दिनों तक लाइन हाजिर रहा, लेकिन विभागीय पैठ मजबूत होने के कारण जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट मिल गया और मनचाहे थानों पर तैनाती कराता रहा। तुर्कपट्टी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि पशु तस्करी से जुड़े मामलों में संलिप्तता की शिकायत थी। पूछताछ के बाद सिपाही को छोड़ दिया गया। इसकी जांच की जा रही है।