रामकोला। सीएचसी रामकोला में गलत इंजेक्शन से तीन साल के मासूम की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई। सीएमओ द्वारा गठित कमेटी बुधवार को सीएचसी रामकोला पहुंची। वहां मासूम के पिता, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों का बयान लिया। घटना के दिन अस्पताल के एक डॉक्टर और परिसर में घूमने वाले दलालों पर आरोप लगाने वाले पिता ने अपना बयान बदल दिया। पिता ने कहा कि बहकावे में आकर तहरीर दी थी।
पकड़ी बांगर निवासी दुर्गेश चौरसिया ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें आरोप था कि उनके बेटे सक्षम की तबीयत 13 दिसंबर को खराब हुई तो इलाज के लिए रामकोला सीएससी पर ले आए। यहां एक चिकित्सक के दो प्राइवेट कंपाउंडरों ने अपने ही पर्ची पर दवा लिखकर मंगाई और इंजेक्शन लगाया। उसका पैसा भी लिया। इंजेक्शन लगाने के बाद उनके बेटे की मौत हो गई। इसकी लिखित शिकायत थाने के अलावा सीएमओ से भी की। घटना की जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी और डिप्टी सीएमओ डाॅ. आरके गुप्ता की दो सदस्यीय कमेटी बनाई।
बुधवार को दोनों अधिकारी रामकोला सीएचसी पहुंचे। सीएचसी पर आए मृतक के पिता दुर्गेश चौरसिया ने इस बार दोनों अधिकारियों को बताया कि इलाज के बाद बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। वहां ले जाते समय रास्ते में बच्चे की मौत हो गई थी। उसके बाद किसी के बहकावे में आकर उन्होंने आरोप लगाया था और तहरीर दी थी। वहीं अपने सरकारी आवास पर मरीजों का इलाज करती पकड़ी गई स्टाॅफ नर्स से भी टीम ने पूछताछ की। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा और डॉ. रजनीश कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।