पडरौना। विभागीय उदासीनता के कारण सुस्ती की भेंट चढ़ी विकास परियोजनाओं को सीएम कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। सीएम के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई के साथ रिपोर्ट तलब की है। परियोजनाओं में देरी के बारे में डीएम ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। अपनी लापरवाही को छिपाने के लिए जिम्मेदार एक दूसरे के माथे ठिकरा फोड़ रहे हैं।
जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 514 करोड़ की लागत से 69 विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें 46 परियोजनाएं अधूरी हैं, जबकि दो का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। अधूरी परियोजनाओं को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन जिम्मेदारों की सुस्ती के चलते तय समय पर पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। इसमें पावा नगर जैन मंदिर, बुद्धा थीम पार्क, शहर के सोहरौना के पास अधूरा नाला समेत कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
31 जनवरी को अमर उजाला ने सुस्ती की हद...69 परियोजनाओं में 46 अधूरी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसका संज्ञान सीएम कार्यालय ने लिया है। सीएम के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने 1 फरवरी को डीएम उमेश मिश्रा को पत्र जारी कर कार्रवाई के साथ रिपोर्ट मांगी है। इसमें पयर्टन, सीएमओ से भी जानकारी मांगी गई है। डीएम ने जिन विभाग से परियाेजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। उनके अधिकारी को पत्र जारी कर परियोजना की प्रगति रिपोर्ट और देरी की जानकारी मांगी है। अब जिम्मेदार अपनी लापरवाही पर पर्दा डालते हुए अफसर ठेकेदार और कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने में जुटे हैं।
-तय समय पर परियोजनाएं क्यों नहीं पूरी हुई? प्रगति रिपोर्ट के साथ विभागीय अधिकारियों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी मांगी गई है। परियोजनाओं को पूरा होने में किसकी लापरवाही देरी हुई है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शासन से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। -उमेश मिश्रा, डीएम