जिला अस्पताल के एईएस वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
- ज्यादा परेशानी बढ़ी तो हो सकता है निमोनिया
पडरौना। मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सुबह शाम ठंड पड़ने लगी है, जबकि दिन में धूप निकलने के कारण मौसम गरम रह रहा है। इसका प्रभाव बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे सर्दी, खांसी जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञ के यहां लोग बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं।
इधर, करीब एक माह से सुबह-शाम ठंड बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका आभास दिन में नहीं हो रहा है। दिन में धूप होने के कारण बच्चे भी खेलने लग रहे हैं। ऐसे में बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पडरौना के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुभाष प्रसाद बताते हैं कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हो जा रहा है। सर्दी-खांसी ज्यादा होने पर बच्चों को निमोनिया होने का खतरा रहता है। इसके अलावा उन्हें सांस फूलना, गले से घड़घड़ाहट की आवाज आना, बच्चों के दम मारने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं, लेकिन धूप होने पर उन्हें उतारकर हल्के कपड़े पहना दें। ताकि पसीना न होने पाए। क्योंकि गर्म कपड़े दिन में भी पहने रखने से पसीना होगा और शाम को भी उसे पहने रहने से सर्द-गर्म हाेने पर बच्चा बीमार पड़ सकता है। उन्हें हल्का गुनगुना पानी दें। सर्दी, खांसी या बुखार की ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाएं।