कुशीनगर। छठ पर्व पर केवल सूर्य उपासना और पूजा या व्रत नहीं रखा जाता बल्कि मन्नत भी मांगी जाती है। महिलाओं का कहना है कि वह अलग-अलग कारणों से छठी मैया का व्रत रख रही हैं। किसी ने संतान की खुशहाली की कामना की तो किसी ने मन्नत पूरी होने के पर धन्यवाद करने के लिए रखा है व्रत। हर महिला इस व्रत को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा मानती हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच की यह तपस्या महिलाओं के भीतर विश्वास, अनुशासन को और मजबूत करती है।