पडरौना। शासन की तरफ से भ्रष्टाचार समाप्त करने को लेकर बनाई गई सोशल आडिट टीम के गठन में अनियमितता की चर्चा है। टीम में जिला स्तर पर प्रभावी भूमिका का निर्वहन करने वाली 18 सदस्यीय ब्लाक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) टीम में पांच लोग ऐसे हैं जो आपस में नजदीकी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
इस बार सोशल आडिट टीम का सदस्य बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। साक्षात्कार के आधार पर चयन सूची बनाई गई थी। इसमें कुछ लोगों ने विधायक तमकुहीराज़ और शासन को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई ळै। उनका आरोप है कि 18 सदस्यों की सूची में एक जाति के पांच लोग चयनित हुए हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं। पिछले कई वर्षों से टीम में काम कर रहे एक व्यक्ति ने इस बार अहम भूमिका निभाते हुए चयन में अपने सगे भाई, पत्नी के भाई, मामा के लड़के, भाई के दामाद को बीआरपी टीम का सदस्य बनवा दिया है।
इस संबंध में सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने बताया इस तरह की शिकायत गंभीर प्रकरण है। यदि उनके समक्ष इस तरह की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।