पडरौना। चुनाव आयोग की ओर से मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर रिकाॅर्ड मतदान कराने की रणनीति बनाई गई। शुरुआती दो चरणों में कम टर्न आउट पर चिंता जताई गई। मौसम की बेरुखी को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को नए सिरे से तैयारी करने के निर्देश दिए गए। अधिकाधिक मतदान के लिए बीएलओ और आशा कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई। वे घर-घर दस्तक देंगे। जिनके घर पुरुष नहीं हैं। उनके घरों की महिलाओं को बूथ तक पहुंचाने और मतदान कराने की जिम्मेदारी इन्हें दी गई है।
मंगलवार को मतदान को लेकर चुनाव आयोग की ओर से दो बार वीसी हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने और चुनाव के दिन बूथों पर धूप से बचाव के साथ ही पेयजल के पुख्ता इंतजाम पर चर्चा हुई। एक जून को मतदान के दिन बूथों पर छाया के साथ पेयजल का इंतजाम रहेगा। जिनके घर के पुरुष शहरों में नौकरी कर रहे हैं। घर पर सिर्फ महिलाएं हैं। परदेसी मतदाताओं को मतदान के दिन बुलाने के लिए अपील की जाएगी। इसके अलावा बीएलओ, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधानों की मदद से घर से एक-एक महिला को बूथों तक पहुंचाकर मतदान कराया जाएगा। इसके लिए सभी बीएलओ को निर्देश भी दिए जाएंगे। एक भी मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए, उसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। सुबह सात से 10 और शाम को 3 से 6 तक अधिक से अधिक मतदान का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि तेज धूप की वजह से दोपहर में लोग मतदान केंद्रों पर जाने से परहेज कर सकते हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद जफर ने बताया कि जिन बूथों पर दिव्यांग मतदाता हैं। वहां व्हील चेयर की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सीएमओ के माध्यम से निजी अस्पतालों से मतदान के दिन व्हील चेयर ली जाएगी।