वाहनों का पंजीकरण स्थानांतरित कराने के दौरान होती है जानकारी
नो पार्किंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने के मामले ज्यादा आते हैं सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के किसी कोने में कोई सिपाही या होमगार्ड मोबाइल फोन से फोटो खींचते दिखाई दे तो मुस्कुराने की जरूरत नहीं है। वह आपकी सुंदर तस्वीर नहीं, आपकी गाड़ी का चालान काट रहा होता है। जनपद में मई माह में 41 लाख से अधिक रुपये का चालान कटा है। उन लोगों के वाहनों का चालान कटने की जानकारी तब हुई, जब उनके मोबाइल पर मैसेज आया।
शुक्रवार की दोपहर दो बजे पडरौना शहर के सुभाष चौक परत भीड़ होने के कारण एक होमगार्ड रामकोला मार्ग की तरफ से आने वाले वाहनों को रोकने के निर्देश दिए। इसी बीच एक बाइक सवार बगैर हेलमेट के रविंद्रनगर की तरफ जाने लगा। इसी बीच एक यातायात पुलिसकर्मी ने अपने मोबाइल से उसका फोटो खींच लिया। इसकी जानकारी युवक को नहीं हुई।
2:30 पर कठकुइयां मोड़ पर सड़क पर ही बाइक सवार एक व्यक्ति ने गाड़ी खड़ी कर दी। तभी वहां एक होमगार्ड पहुंच गया। बाइक सवार हेलमेट नहीं पहना था। इस पर साथ में आए यातायात के एक कांस्टेबल ने उसकी बाइक के नंबर प्लेट का फोटो खींच लिया। शहर में यह नजारा आम है। यातायात पुलिसकर्मी चुपके से फोटो खींचकर चालान काट दे रहे हैं।
न टोकेंगे, न उलझेंगे, चुपचाप चालान काट देंगे
शहर के विभिन्न चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी गुपचुप तरीके से चालान काट दे रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक की तरफ से उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि नियमविरुद्ध तरीके से से वाहन चलाने वालों से बिना कोई बहस किए चालान काट दें। शहर के विभिन्न चौराहों पर ऐसा देखने को मिल रहा है। यातायात पुलिसकर्मी मोबाइल फोन से फोटो खींच ले रहे हैं। फिर उसे सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के एप पर डाल दे रहे हैं। हाल के दिनों में हुए चालान में नो पार्किंग, बिना हेलमेट पहने बाइक चलाने, सीट बेल्ट न बांधने सहित अन्य के सर्वाधिक चालान कटे हैं।
चालान लंबित तो आरसी लॉक
जानकारों का कहना कि लंबित चालान की स्थिति में वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) लॉक हो जाती है। अगर आप आरसी को किसी और के नाम पर ट्रांसफर कराना चाहते हैं तो चालान जमा कराए बिना प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। पुलिस के चालान काटने के 90 दिनों के भीतर ई चालान जमा कराने की सुविधा है। इसके बाद कोर्ट में चालान जमा होगा।
मई में 2,173 वाहनों का हुआ चालान
यातायात पुलिसकर्मियों की ओर से मई में 2,173 वाहनों का चालान किया गया। इसमें हेलमेट 722, सीट बेल्ट 85, फाॅल्ट नंबर 77, स्पीड लिमिट आठ, नो पार्किंग 512, बिना ड्राइविंग लाइसेंस 321, शराब पीकर 11, प्रदूषण 37 वाहनों का ई चालान किया गया। इसका शमन शुल्क 41,83,500 रुपये का रहा।
केस एक
रानीकाफ निवासी अभिषेक मिश्रा अपनी कार बेचना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने आरटीओ के अधिवक्ता से संपर्क किया। वाहन का पंजीकरण स्थानांतरित कराने के दौरान मालूम हुआ कि उनके दो अलग-अलग 1000 रुपये का चालान कटा हुआ था। इसमें एक पार्किंग के नियमों का उल्लंघन का आरोप था तो दूसरा सीट बेल्ट नहीं लगाने पर चालान कटा था। जब उन्होंने इसका जुर्माना जमा कराया, तब जाकर उन्हें राहत मिली।
केस दो
रामकोला रोड निवासी रोशन ने नौका टोला से एक बाइक खरीदने के लिए 30 हजार रुपये में सौदा तय किया। वाहन का पंजीकरण स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन करने पर मालूम हुआ कि बिना हेलमेट के बाइक चलाने के आरोप में एक हजार रुपये का चालान कटा हुआ है। उन्होंने चालान का पैसा जमा किया, तब जाकर उन्हें नया रजिस्ट्रशेन पेपर मिल सका।
बोले अधिवक्ता
एआरटीओ में रोजाना चार से पांच ऐसे मामले आते हैं, जिनमें लोगों को उनके वाहन के चालान होने की जानकारी नहीं होती है। ऐसे लोगों का शमन शुल्क जमा कराया जाता है।
-राकेश कुमार पांडेय, अधिवक्ता
आठ से 10 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है। इससे चालान कटने से जानकारी नहीं हो पा रही है। यातायात पुलिस को चाहिए कि वाहन चालक को सूचना जरूर दें।
-दिव्य प्रकाश मणि त्रिपाठी, अधिवक्ता
नो पार्किंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने, सीट बेल्ट न बांधने जैसे मामले ज्यादा आते हैं। पुलिस चुपके से चालान काट देती है। इसका पता लोगों को नहीं लग पाता है। -उमेशचंद्र उपाध्याय, अधिवक्ता
कोट
होमगार्ड व यातायात पुलिसकर्मी अपने टीएसआई का मोबाइल लेकर फोटो खींच लेते हैं। पूर्व में चालान की सूचना रजिस्ट्री डाक से घर भेजने की व्यवस्था की गई थी।
-पवन कुमार यादव, अधिवक्ता
वर्जन
यातायात पुलिसकर्मियों से कहा गया गया है कि वे किसी से बहस न करें। वाहन चालक ने जो अपराध किया है, उसके आधार पर उसका चालान काटकर जुर्माना जमा कराएं। किसी तरह के विवाद से बचने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। चालान की प्रक्रिया के दौरान अक्सर लोग पुलिसकर्मियों से उलझ जाते हैं। अपना मोबाइल नंबर वाहन पंजीकरण नंबर के साथ अपडेट कराएं, जिससे चालान कटने की सूचना तत्काल मिल सके।
-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक