कसया। अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के तत्वावधान में रविवार देर रात हरिनाम संकीर्तन हुआ। मृदंग और करताल की धुन पर संकीर्तन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोविंद गोपाल दास प्रभु ने कहा कि कहा कि कलियुग में सन्मार्ग से भटके जीवों के उद्धार के लिए भगवान श्रीकृष्ण के भक्त के रूप में चैतन्य महाप्रभु अवतरित हुए। उन्होंने पूरे आत्म-साक्षात्कार के प्रभावी साधन के रूप में हरिनाम जप का प्रचार किया। इस मंत्र से करोड़ों भक्त समाज में चरित्र निर्माण एकता और शांति को स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय प्रमुख ने बताया कि प्रत्येक माह की एकादशी को किसी एक भक्त के निवास एवं प्रत्येक रविवार को कार्यालय पर हरिनाम संकीर्तन का आयोजन अनवरत होता रहेगा। इस दौरान कामेश्वर कुमार एडवोकेट, पूर्व चेयरमैन कृष्ण कुमार, संजय मद्धेशिया, अमन मद्धेशिया,घनश्याम त्रिपाठी, नरेंद्र तुली, पूनम देवी, उषा सोनी, पूजा देवी, रश्मि , दीपक, जय, भोला जायसवाल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।