- अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र बरवा बाबू गांव के श्मशान घाट के पास रविवार को मिला था शव
- गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव का निवासी था किशोर
- किशोर का सिर और गला था गायब, सड़ चुका था शव
- कपड़े, मोबाइल और साइकिल से हुई शव की शिनाख्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बरवा बाबू गांव के श्मशान घाट के पास जिस 17 वर्षीय किशोर का रविवार को शव मिला था, उसकी मौत का कारण सोमवार को पोस्टमार्टम में भी स्पष्ट नहीं हो सका। वजह यह थी कि उसका सिर गायब था, गला भी खत्म हो चुका था। शव पूरी तरह सड़ गया था। एक्सरे कराने के बावजूद मौत का कारण जाहिर न होने की वजह से उसका विसरा सुरक्षित कर लिया गया।
हेतिमपुर में छोटी गंडक नदी के किनारे देर शाम परिजनों और पुलिस की मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव मिलने के बाद एसपी नार्थ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपहरण के साथ हत्या की धारा भी बढ़ाने का आदेश दिया है। रविवार को अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बरवा बाबू गांव के श्मशान घाट के बगल में 17 वर्षीय किशोर राजू प्रसाद का शव मिला था। शव सड़ चुका था। उसके पास मृतक की साइकिल और जेब में मोबाइल मिला। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया था। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने कपड़े, मोबाइल और साइकिल से उसकी शिनाख्त की थी। घटना से नाराज लोगों ने करीब चार घंटे तक हाटा-पिपराइच मार्ग भी जाम किया था। परिजनों ने गांव के एक युवक पर उसके अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पिपराइच थाने की पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद विधिक कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
सोमवार को दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। बताया जा रहा है कि उसका शव और गला नहीं था। शव कई दिन का हो जाने के कारण सड़ चुका था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर एक्सरे तक कराया गया, लेकिन स्थिति स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पिपराइच थाने के इंस्पेक्टर अमित शर्मा ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार हुआ है। अभी हत्यारोपी पकड़ा नहीं गया है।
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घरवालों ने बताया कि खेलता था जुआ
पोस्टमार्टम हाउस आए मृतक के बड़े भाई अनिल और ताऊ रामबिलास ने बताया कि राजू जुआ खेलने का आदी था। वह पिपराइच कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा का छात्र था। बड़े भाई ने 20 दिन पूर्व ही एंड्रायड मोबाइल खरीदकर दिया था। मृतक के ताऊ ने बताया कि राजू अपने मित्र दुर्गेश निषाद के साथ साइकिल से निकला था। उसे जाते हुए आखिरी बार देखने वाली दादी इमरती देवी और दादा झिनक थे। मृतक के शव को सबसे पहले उसके ताऊ रामबिलास ने ही खोजा और उसकी पहचान की।