रामकोला नगर में बिना पंजीकरण आयुष्मान व सिद्धनाथ हॉस्पिटल चल रहे थे
दोनों अस्पतालों के बाहर लगे बोर्ड पर लिखा है नामी डॉक्टरों का नाम, जांच में कोई नहीं मिला था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। नगर में चल रहे अवैध अस्पताल के संचालकों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अस्पतालों के बाहर बोर्ड पर लिखे नामी डॉक्टरों का पता स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाने में जुटी है। इस कार्रवाई के बाद नगर में संचालित अन्य अवैध अस्पताल बंद नजर आए। टीम की मुताबिक बोर्ड पर सिर्फ विशेषज्ञ डॉक्टरों का नाम लिखा है, जो कभी आते नहीं थे। इसकी पुष्टि यूट्रेस का ऑपरेशन कराने वाले दोनों मरीजों के तीमारदारों ने टीम की पूछताछ में बताया। सूत्रों के मुताबिक अवैध अस्पताल संचालकों ने जिन डॉक्टरों का नाम बोर्ड पर लगाया है, उनकी डिग्री सही है या गलत इसकी जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉक्टरोंं का पता लगाने में जुटी है।
रामकोला नगर में चल रहे अवैध हॉस्पिटल की जांच नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने जांच किया। जहां सिद्धनाथ व आयुष्मान अस्पताल का कोई कागजात न मिलने व हॉस्पिटल में लगे डॉक्टर के बोर्ड में से कोई डॉक्टर नहीं मिला था। जिस पर दोनों अस्पतालों को सीज करते हुए दोनो के खिलाफ रामकोला थाने में तहरीर दी थी। जिस पर दोनों अस्पतालों के प्रबंधकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
रामकोला नगर के धर्मसमधा मंदिर के समीप चल रहे आयुष्मान हॉस्पिटल की जांच की तो देखा की अस्पताल पर कोई डॉक्टर नहीं है जो बिना लाइसेंस के चलाया जा रहा था। बोर्ड पर आधे दर्जन डॉक्टरों के नाम दर्ज थे लेकिन कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। साथ ही कागजात भी नहीं मिले थे। मौके पर प्रबंधक पवन कुमार यादव मिले जो कोई कागजात नहीं दिखा पाए जिसे अवैध मानते हुए नोडल अधिकारी डॉक्टर रमेश कुमार गुप्ता ने रामकोला थाने में तहरीर दिया। बताया कि अस्पताल के प्रबंधक पवन कुमार यादव अवैध तरीके से अस्पताल से चला रहा था।
रामकोला नगर के कसया रोड पर सिद्धनाथ हॉस्पिटल पर बिना पंजीकरण संचालित होता था। एसीएमओ डॉ. आरके गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने शनिवार की शाम को छापामारा। इस दौरान संचालक अजय कुमार सिंह मिला और अस्पताल में दो महिलाओं को यूट्रेस का ऑपरेशन करने के बाद भर्ती किया गया था। अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर छह नामी डॉक्टरों का नाम लगा था। संचालक कोई कागज नहीं दिखा सका और ना ही डॉक्टर का पता और मोबाइल नंबर टीम को बताया। इसके अलावा इसी कस्बे में संचालित होने वाले आयुष्मान अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर चार विशेषज्ञ डॉक्टरों का बोर्ड पर नाम लिखा था, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिले। इसके अस्पताल सील कर दिया। दोनों संचालकों पर एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
इस कार्रवाई के बाद बाजार में चलने वाले अवैध अस्पतालों पर मरीजों की भीड़ कम दिखी और कई अस्पताल बंद भी रहे। इस संबंध में सीओ उमेश चंद भट्ट ने बताया कि दो अस्पताल संचालकों पर धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।