तमकुहीराज। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर गांव की 15 से अधिक महिलाओं के नाम पर 30 लाख की ठगी करने वाली गांव की आंगनबाड़ी सहायिका पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया है। चिटफंड कंपनी के वर्कर रकम वसूली के लिए घर पहुंचे तो इसकी जानकारी महिलाओं को हुई। इसके अलावा जालसाज आंगनबाड़ी सहायिका आस-पास के गांव की 30 से अधिक महिलाओं के साथ इस तरह की ठगी की है। इसमें चिटफंड कंपनी के वर्कर भी शामिल हैं।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के कोइंदी बुजुर्ग गांव निवासी कविता देवी, जानकी, अंजुम आरा, अनीता देवी, शहनाज, नूरजहां, आरती समेत 15 से अधिक महिलाएं पांच दिन पहले थाने पर पहुंचीं। आरोप है कि गांव की रहने वाली आंगनबाड़ी सहायिका मनोरमा देवी गांव की महिलाओं को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर इनके नाम से कई पहचान पत्र बनवा लिया। अलग-अलग चिटफंड कंपनियों के वर्करों से मिलकर इनके नाम पर करीब 30 लाख रुपये कर्ज ले लिया। कुछ रुपये महिलाओं को देने के बाद बाकी रुपये अपने निजी उपयोग में खर्च कर ली है। कर्ज देने वाले बंधन, मिटलैंड, सूर्योदय, आरबीएल, उत्कर्ष जैसी चिटफंड कंपनियां शामिल है। तहरीर पड़ने के बाद पुलिस ने चिटफंड कंपनियों के वर्करों को कई बार बुलाया, लेकिन कोई थाने नहीं गया। सूत्रों की माने तो फर्जी पहचान पत्र तैयार कराकर कमीशन लेकर वर्करों ने कर्ज दिया है। कुछ दिन पहले कर्जदार बनी महिलाओं के घर कंपनी के वर्कर पहुंचे और कर्ज वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे। इतना ही घर में मौजूद लड़कियों और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्रता भी किए। इनके साथ गांव की आरोपी आंगनबाड़ी सहायिका भी शामिल रही। जालसाजी की शिकार महिलाओं ने बताया कि आरोपी महिला आस-पास के गांव की महिलाओं को इसी तरह ठगी है। कर्ज देने का काम कंपनी के वर्करों की मिलीभगत से होता है। एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि जालसाजी में शामिल महिला पर केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के दौरान चिटफंड कंपनी के वर्करों की भूमिका शामिल होने पर कार्रवाई में शामिल किया जाएगा।