पडरौना। जिले में शनिवार को बिजलीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। देर शाम तक डीएम रमेश रंजन के आदेश एक एक्सईएन सहित चार बिजलीकर्मियों पर जहां मुकदमा दर्ज हुआ। इन पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, उपकेंद्रों पर अनुपस्थित पाए गए 167 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया।
जिले में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे कसया में मुख्य लाइन से आपूर्ति ठप हो गई। इससे जनपद के 32 बिजली सब स्टेशन बंद हो गए। इससे करीब 11 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। जिले में बिजली व्यवस्था का जायजा लेने निकले डीएम रमेश रंजन ने सबसे पहले जिला आपदा प्रबंधन केंद्र में बने कंट्रोल रूम का जायजा लिया। इसके बाद वह कसया बिजली सब स्टेशन पर पहुंचे। देर शाम को डीएम रमेश रंजन ने जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीएम ने सभी जगहों पर बिजली आपूर्ति के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
बिजली आपूर्ति में बाधक बन रहे, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की शिकायत पर डीएम के आदेश पर कुशीनगर के अधिशासी अभियंता (पारेषण) देवेंद्र कुमार सिंह, जय नारायण यादव टेक्निल ग्रेड- 2 के खिलाफ कसया थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके अलावा, बिजली सब स्टेशन की लाइन काटने के आरोप में सब स्टेशन अहिरौली पर तैनात सुधीर गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। देर शाम को डीएम के आदेश पर पडरौना कोतवाली में पडरौना सब स्टेशन पर तैनात लाइनमैन परमेश्वर प्रसाद पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस तरह से शनिवार की शाम सात बजे तक कुल चार बिजलीकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
डिप्टी कलेक्टर व बिजली व्यवस्था के नोडल अफसर व्यास नारायण उमराव ने कहा कि किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।