कसया। अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों का जाति प्रमाण पत्र गलत प्रपत्र के आधार पर बनवाने के आरोप में कसया तहसील के तीन लेखपालों के खिलाफ कूटरचना, जान से मारने की धमकी देने व दलित उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश के 25 दिन बाद शनिवार को कसया पुलिस ने केस दर्ज किया है।
नगर के बुद्धनगरी (सुखारी छपरा) निवासी प्रियेश गोंड की ओर से विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट न्यायालय में वाद दाखिल कर बताया गया था कि चचेरी बहन संध्या गोंड व उसकी सगी बहन प्रियंका गोंड का जाति प्रमाण पत्र पिता के पते से बनवाने का आवेदन किया गया था। दोनाें आवेदन लेखपाल निलेश रंजन राव ने यह कहकर खारिज कर दिया कि प्रमाणपत्र ससुराल के पते से बनेगा। प्रार्थी ने उच्च और उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का दृष्टांत देते हुए बताया कि लड़कियों का जाति प्रमाण पत्र पिता के ही पते से बनता है। इस बात को लेकर धरने पर बैठा तो डीएम ने एसडीएम को प्रमाणपत्र जारी करने के लिए हिदायत दी।
लेखपाल निलेश रंजन राव, शैलेंद्र दूबे व श्रीनिवास सिंह ने आनन-फानन में जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसमें कूटरचना की गई। प्रमाणपत्र पिता का पता बुद्धनगरी के बजाय बहनों की ससुराल के पते पर जारी कर दिया गया। जबकि आवेदक की ओर से ऐसा कोई आवेदन नहीं किया गया। लेखपाल ने रिपोर्ट में संध्या गोंड का प्रमाणपत्र उसकी ससुराल भठहीं बाबू के पते पर जारी किया है। इसमें पति प्रमोद गोंड के स्थान पर संध्या के पिता श्रीकिशुन गोंड का नाम अंकित किया गया है। प्रियंका गोंड का प्रमाण पत्र परसौना बुजुर्ग के पते पर जारी किया गया है। इसमें मां मीना देवी के स्थान पर उनकी चाची कुंती देवी का नाम दर्शाया गया है। वादी ने संबंधित लेखपालों पर धमकी देने और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में एएसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।