- खलिहान और पोखरी की जमीन को गलत ढंग से एक व्यक्ति के नाम दर्ज करने का आरोप
- बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी की तहरीर पर दर्ज हुआ हाटा कोतवाली में मुकदमा
- चकबंदी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर दर्ज कराया गया मुकदमा
हाटा। मंगलवार की शाम को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी की तहरीर पर कसया के तत्कालीन चकबंदी अधिकारी धीरेंद्रजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। सरकारी जमीनों को गलत ढंग से एक व्यक्ति के नाम दर्ज करने के आरोप में चकबंदी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यह केस हाटा कोतवाली में दर्ज किया गया है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी आलोक कुमार की तरफ से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन चकबंदी अधिकारी धीरेेंद्रजीत सिंह ने एक व्यक्ति को निजी लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम सभा के खाते में दर्ज खलिहान और पोखरी की जमीन को गलत ढंग से आदेश पारित कर ग्राम सभा के खाते से खारिज कर दिया। उसे धनपाल नाम के एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया है। इससे सरकारी जमीन की क्षति हुई है। इस मामले को संज्ञान चकबंदी आयुक्त उत्तर प्रदेश ने लिया। उसके बाद यह मामला खुल कर सामने आया है। उन्होंने कुशीनगर के डीएम को निर्देश दिया। उसके बाद डीएम के निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कुशीनगर ने तहरीर देकर हाटा कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने, कूटरचना करने और सरकारी जमीन को क्षति पहुंचने आदि धाराओं में केस दर्ज कराया है।
इस संबंध में हाटा के कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।