- बाॅर्डर की पुलिस चौकियों की पड़ताल में पुलिस की सक्रियता की खुली पोल, निष्क्रिय दिखी पुलिस
-पुलिस की नहीं है चौकसी, हर रोज गुजरते हैं 4200 से अधिक मालवाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। पुलिस की निष्क्रियता से जिले के रास्ते बिहार के गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण जिले में आसानी से तस्कर दाखिल हो जा रहे है। जिले के बाॅर्डर पर सुरक्षा की लिहाज से बनी पुलिस चौकियों पर तैनात पुलिस वाले भी ऐसे मालवाहनों को रोक कर जांच नहीं करते हैं। इस लिए तस्करों के लिए यह रास्ता मुफीद साबित हो रहा है।
सोमवार को जिले से बिहार को जोड़ने वाली पुलिस चौकियों की पड़ताल में पुलिस की लापरवाही सामने आई। बाॅर्डर पर बिना जांच पड़ताल की वाहनों की आवाजाही दिखी। पुलिस की ओर से हुई कार्रवाई में अधिकांश तस्कर कुशीनगर-गोपालगंज हाईवे पर ही पकड़े गए हैं। इसकी वजह पुलिस और तस्करों की मिलीभगत मानी जाए या ड्यूटी के प्रति इनकी लापरवाही, फिलहालत यह जांच का विषय है।
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बहादुर पुलिस चौकी, समय- सुबह 10.22 बजे
- तरयासुजान थाना क्षेत्र के बहादुर पुलिस चौकी से सुबह करीब 10.22 बजे पिकअप और ट्रकों की आवाजाही दोनों प्रांतों से हो रही थी। पुलिस चौकी पर मौजूद दो सिपाही एक व्यक्ति से बात करने में मशगूल दिखे। मालवाहनों के अंदर ढक कर क्या जा रहा है। इसकी जानकारी करने की थोड़ी भी फीक्र पुलिसकर्मियों में नहीं दिखी। इसका फायदा तस्कर उठाते हैं और उनके लिए यह रास्ता सुरक्षित माना जाता है। इसी लापरवाही की वजह से तस्करों का मालवाहन भी इसी तरह बिहार में दाखिल हो जाते हैं।
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डिबनी बंजरवा पुलिस चौकी, समय- दोपहर 12.10 बजे
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के डिबनी बंजरवा पुलिस चौकी के रास्ते रात को मालवाहन गुजरते हैं। दिन में बाइक और साइकिल से बोरे में भरकर अवैध सामान लेकर तस्कर जाते हैं। डीजल, उर्वरक खाद की भी बाइक से तस्करी होती है। दिन में दोपहर 12.10 बजे एक साइकिल पर बोरे में सामान लेकर युवक जा रहा था। बोरे के अंदर क्या है पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया। एक सिपाही दो लोगों के साथ चौकी के अंदर बैठकर बात करते नजर आया। बीस मिनट के अंदर इस रास्ते से आठ बाइक सवार बोरे में सामान लेकर बिहार के तरफ गए, लेकिन किसी पुलिसकर्मी ने इन्हें रोकने या जानकारी लेने का प्रयास नहीं किया।
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समउर पुलिस चौकी, समय- 12.40 बजे
-तमकुहीराज थाना क्षेत्र के समउर पुलिस चौकी के रास्ते दोपहर 12.40 बजे दो पिकअप करीब 15 मिनट के अंतराल पर यूपी से बिहार सीमा में प्रवेश किए। एक पिकअप के अंदर सामान भरा था, लेकिन प्लास्टिक से ढका था। चेकपोस्ट के पास मौजूद एक युवक के पास पिकअप कुछ सेंंकेड के लिए रुका और फिर आगे बढ़ गया। लेकिन इसके पीछे जो गोवंशों को लेकर पिकअप गई वह नहीं रुकी। वहां मौजूद एक दुकानदार ने बताया कि छोटे-छोटे वाहनों से दो से तीन गोवंश बिहार में ले जाते हैं और वहां से ट्रक पर लादकर बंगाल लेकर चले जाते हैं। इस रूट पर तस्करों का नेटवर्क काफी सक्रिय है।
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मुख्य मार्गों के अलावा पकडंडियों का भी तस्कर करते हैं इस्तेमाल
तमकुहीराज और तरयासुजान की पुलिस जब हाईवे पर सक्रिय होती हैं तो तस्कर पकडंडियों की मदद लेते हैं। तस्कर तमकुहीराज थाना क्षेत्र के बड़ी गंडक नहर लतवा बाजार से सराया होते हुए जीरो आरडी बिहार निकाल जाते हैं। वहीं बनवरिया परसौनी, तमकुहीराज-समउर, लतवा मुरलीधर से छपरा अहिरौली होते हुए सरया के रास्ते बिहार पहुंच जाते हैं। इसके अलावा रामपुर बंगरा के रास्ते, तरया सुजान सिसवा होते हुए अहिरौली दान के रास्ते बिहार जाने के लिए तस्कर इन पकडंडियों का इस्तेमाल करते हैं।
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सात थानों से गुजरता है तस्करों का वाहन
एनएच-28 से होते हुए बिहार के गोपालगंज को जाने वाले तस्करों का वाहन एक थाने से नहीं बल्कि अहिरौली बाजार, हाटा, तुर्कपट्टी, पटहरेवा, तमकुहीराज, तरया सुजान थाना की सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए जाते हैं। अधिकांश तस्करों का वाहन बाॅर्डर के थाना तमकुहीराज और तराया सुजान में पकड़ा जाता है। इसके अलावा जटहां बाजार के बांसी पुलिस चौकी और खड्डा के सालिकपुर पुलिस चौकी के रास्ते बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में तस्करों की आवाजाही रहती है।
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केस नंबर- एक
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के भलुही के पास दो दिन पूर्व एक डीसीएम का पहिया पंक्चर हो गया था। पशु तस्कर वाहन छोड़कर भाग गए। वाहन के अंदर 15 गोवंश ठूसकर भरे गए थे। जिसमें पांच की मौत हो चुकी थी। यह वाहन तुर्कपट्टी थाने के सामने से गुजरा था। लेकिन पुलिस को इनकी जानकारी नहीं मिली थी। डीसीएम पहिया पंक्चर नहीं हुआ होता तो शायद तस्कर बिहार निकल गए होते।
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केस नंबर- दो
तरया सुजान थाना क्षेत्र में एक माह पहले पिकअप पर सात गो वंश पकड़े गए थे। लेकिन पुलिस को तस्कर नहीं मिले थे। पता चला कि वाहन खराब होने के कारण तस्कर वाहन छोड़कर भाग गए और पुलिस ने गोवंशों को बरामद कर लिया था। इस मामले में अज्ञात पशु तस्करों पर कार्रवाई हुई थी। जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी।
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वर्जन
बार्डर के पुलिस चौकियों पर समय-समय पर वाहनों की चेकिंग होती है। संदेह के आधार या तस्करों के वाहन जाने की सूचना मिलने पर पुलिस घेराबंदी कर पकड़ती है। बाॅर्डर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गलत गतिविधियों की जानकारी इसके माध्यम से मिलती रहती है। एक-एक वाहनों की जांच करना संभव नहीं है। वैसे बार्डर के पुलिसकर्मियों को सक्रियता के लिए निर्देश दिया गया है।
- धवल जायसवाल, एसपी, कुशीनगर