बरसात के मौसम में बस डिपो बन जाता है तालाब
-निर्माण के लिए पांच करोड़ से अधिक का बजट हुआ है पास, शिथिलता की वजह से नहीं हो रहा निर्माण
पडरौना। पडरौना बस स्टेशन के निर्माण के लिए पांच करोड़ से अधिक रुपये का बजट पास हो गया है। विभागीय कार्यवाही में शिथिलता के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे बारिश होते ही डिपो तालाब बन जाता है। वजह यह कि स्टेशन परिसर काफी नीचे है और जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं है। इसके जीर्णोद्घार के लिए लोग प्रदेश परिवहन मंत्री तक को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन इसकी सुधि नहीं ली गई। दो दिनों से परिसर में पानी भरा है, इसके चलते लोगों को सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्ष 2011 में तत्कालीन बसपा की सरकार में पडरौना डिपो की घोषणा हुई थी। परिवहन निगम की 21 और अनुबंधित 17 बसें संचालित होती थीं। इसके अलावा अन्य करीब दो सौ बसें पडरौना तक आती हैं। पडरौना डिपो की तरफ से संचालित बसों से करीब तीन हजार यात्री प्रतिदिन जिले के विभिन्न शहरों समेत प्रदेश के अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। इससे पडरौना डिपो को प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये की आमदनी होती है। इसके अलावा अन्य डिपो से यहां आने वाले बसों में भी जिले से भारी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। इससे परिवहन विभाग को आमदनी होती है। इतना सब कुछ होने के बाद भी पडरौना बस स्टेशन की हालत दयनीय है।
बारिश होते ही बस स्टेशन परिसर में लगा पानी
रविवार की शाम से हो रही बारिश के चलते इस समय बस स्टेशन परिसर में पानी भरा हुआ है। इससे न केवल यात्रियों को सड़क पर खड़ा होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, बल्कि बसों को भी सड़क पर रोककर सवारियां भरने की वजह से जाम लगता रहता है। इससे पडरौना नगर के रामकोला रोड, कसया रोड और कोतवाली रोड जाम के हवाले रहता है। सड़क पर खड़े बसों में चढ़ने की कोशिश में अक्सर यात्री वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं।
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वर्जन
पडरौना बस स्टेशन के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ से अधिक का बजट पास हो गया है। कागजी कार्यवाही चल रही है। धन आवंटित होते ही बस स्टेशन के जीर्णोद्घार का कार्य शुरू हो जाएगा। डिपो परिसर में पानी को पंपिंगसेट लगाकर निकाला जाता है।
- बिंदू प्रसाद, एआरएम रोडवेज