जौरा बाजार। क्षेत्र से निकली मधुरिया राजवाहा की इस वर्ष भी सफाई नहीं होगी। इसके लिए विभाग को बजट ही नहीं मिला है। इसकी सफाई नहीं होने से सिल्ट और झाड़-झंखाड़ से पटी नहर में पानी आने पर जगह-जगह ओवरफ्लो होने की आशंका जताई जा रही है। इससे किसान चिंतित हैं।
मधुरिया राजवाहा से कृपापट्टी, धुनवलिया, जोकवा बाजार, धौरहरा, माधोपुर, नदवाबिशुनपुर, सरैया महंथपट्टी, कोटवा, करजही, रहसूजनोवी पट्टी, बेईली, रहसूसूमाली पट्टी, नटवा, अमवा, मटिहनिया, धनहा, परसौनी, जौरा बाजार आदि गांव के किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। खरीफ की फसल के दौरान इसमें पानी नहीं आया और बारिश भी नहीं हुई। इससे किसानों की धान की फसल नष्ट हो गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार राजवाहा की सफाई होगी, जिससे रबि की फसल अच्छी होगी। लेकिन सिंचाई विभाग की सूत्रों की मानें तो इसकी सफाई के लिए शासन से बजट ही नहीं मिला है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ष भी इसकी सफाई नही होगी। क्षेत्र के राजवंश सैनी, हैपी कुशवाहा, विरेंद्र सिंह, बलवंत कुशवाहा, भगवती कुशवाहा आदि किसानों ने बताया कि अगर इस राजवाहा की सफाई नहीं होगी, तो पानी आने पर ओवरफ्लो हो जाएगा, जिससे रबी की फसल पानी में डूब कर नष्ट हो जाएगी। नदवा के पास यह राजवाहा सबसे ऊंचाई पर गुजरती है। यदि वहां सफाई कर दी जाए, तो किसानों की फसलों को डूबने से बचाया जा सकता है।
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मधुरिया राजवाहा की सफाई के लिए बजट नहीं मिला है। सही है कि नदवा गांव के पास यह राजवाहा सबसे अधिक ऊंचाई से होकर गुजरती है। यदि वहां सफाई नहीं होती है, तो नीचे नहर के टूट जाने की संभावना अधिक रहेगी। कहीं से कोई व्यवस्था होती है, तो नदवा में नहर की सफाई का प्रयास किया जाएगा। -अमरेंद्र बरनवाल, जेई, सिंचाई विभाग।