खड्डा। खड्डा क्षेत्र के गैनही जंगल में गैनही ड्रेन के पानी की दबाव से टूटी नहर की पटरी की दो दिनों बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। आवागमन ठप है। बृहस्पतिवार को भी सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी भरी बोरियों की डंपिंग कराई जा रही थी। पानी के बहाव को नियंत्रित नहीं कर पाने के बाद मरम्मत कार्य में परेशानी हो रही है। बुधवार को गैनही ड्रेन के पानी के दबाव से मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी का लगभग तीस मीटर हिस्सा पानी में बह गया। महराजगंज सिंचाई विभाग के अधीन आने वाले इस हिस्से का मरम्मत कार्य चल रहा है। टूटी पटरी के रास्ते तेजी से बह रहे पानी को नियंत्रित करने के लिए मिट्टी भरी बोरियों की डंपिंग कराई जा रही है, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी पानी का बहाव कम नहीं हो सका है। यही वजह है कि मरम्मत कार्य में जुटे अभियंताओं को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नहर की पटरी टूट जाने के कारण लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खड्डा के रास्ते झुलनीपुर नेपाल बॉर्डर तक जाने वाले लोग भी अब सिसवा से होकर ही जाने को मजबूर हैं। तहसीलदार खड्डा महेश कुमार ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है। अभी पानी के बहाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बहाव कम होने के बाद ही पटरी का मरम्मत की जा सकेगी।