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Kushinagar News: वाराणसी के शिक्षक की हत्या के विरोध में मूल्यांकन का बहिष्कार

Sun, 24 Mar 2024 04:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। राजकीय हाईस्कूल महंगाव वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के विरोध में शनिवार को माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट गुट की तरफ से मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया गया। शिक्षकों ने शिक्षक की हत्या करने वाले आरोपी सिपाही पर कार्रवाई करने की मांग की।
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प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि राजकीय हाईस्कूल महंगाव वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिका लेकर मुजफ्फरनगर गए थे। 17-18 मार्च की रात उनके साथ सुरक्षा में गए सिपाही ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी थी। ड्यूटी के दौरान शिक्षक की हत्या से शिक्षकों में नाराजगी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इस घटना पर मुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया है। इससे स्पष्ट है कि मौजूदा सरकार शिक्षकों के प्रति उदासीन है। उन्होंने मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को तत्काल दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, हत्यारोपी सिपाही के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर कठोरतम सजा दिलाने, मृतक की पत्नी को पेंशन के रूप में शिक्षक की शेष सेवा तक पूर्ण नियमित वेतन देने की मांग की। उन्होंने चेताया कि जब तक संगठन की तरफ से की गई मांगें पूरी नहीं होंगी, शिक्षक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे।
इस दौरान अटेवा जिलाध्यक्ष अजय कुमार, धर्मेंद्र सिंह, उदल कुमार, शैलेंद्र, अजय सिंह, सुरेश सिंह, आस नारायन राय, बृजेश कुमार, रमेश कुमार, आलोक शुक्ल, राजेश राम, उपेंद्र प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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कोठार बंद करने को लेकर परीक्षक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट आमने-सामने

फोटो है।
-बुद्ध इंटर कॉलेज में चल रहा यूपी बोर्ड क उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य

संवाद न्यूज एजेंसी
पकवा इनार। बुद्ध इंटर कॉलेज में शनिवार को यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। कोठार बंद करने को लेकर परीक्षक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट आमने-सामने हो गए। कोठार बंद करने की जिद पर अड़े परीक्षकों से कई चक्र कहासुनी हुई। परीक्षकों ने चेतावनी दी कि जब तक मृत शिक्षक के परिजनों को मदद और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

शिक्षक नेता अशोक चौरसिया ने कहा कि आरक्षी की कार्बाइन से सहायक अध्यापक धर्मेंद्र कुमार की मौत होना असंवेदनशील मामला है। ऐसी घटना व्यवस्था पर सवाल है। जब तक मृत शिक्षक के परिवार वालों मदद नहीं मिलेगी, आंदोलन जारी रहेगा।

दोपहर बाद एक बार मूल्यांकन केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट विकास मणि तिवारी से कोठार खोलने को लेकर तीखी बहस भी हुई। आक्रोशित शिक्षक कोठार बंद करने पर अड़े थे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट उसे खुला रखने के लिए कह रहे थे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट का कहना था कि मूल्यांकन केंद्र के कोठार को नहीं बंद कर सकते। वहीं, शिक्षक बंद कराने पर अड़े थे। यही नहीं, कुछ उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षकों को आवंटित कर दिया गया था। इस दौरान ओमप्रकाश शर्मा, अनिल कुमार दूबे, नवनाथ दूबे, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, जितेंद्र मणि त्रिपाठी, महेश कुमार मिश्र, राजेश राम, अविनाश, प्रमोद रज्जक, मोहन मिश्र, विनय कुमार सिंह, दिनेश कुमार पांडेय, हरीलाल यादव, हरेंद्र यादव, सुरेश प्रसाद गुप्त, डाॅ. मोनिका मल्ल आदि मौजूद रहे।
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