दुदही/बरवापट्टी। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर जमुनिया के टोला अशोगवा में तीन दिन पहले गायब विवाहिता का शव शनिवार को गन्ने की खेत में दफनाया हुआ मिला। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव को पुलिस ने निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर पर पति, ससुर समेत तीन लोगों के खिलाफ दहेज हत्या आदि की धाराओं में केस दर्ज़ कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
पश्चिमी चम्पारण बिहार के थाना भितहां क्षेत्र के गांव खैरखां टोला निवासी मुन्द्रिका राम ने आरोप लगाया है कि उनकी लड़की सुमित्रा की शादी पिंटू राम निवासी रामपुर जमुनिया अशोगवा टोला थाना बरवापट्टी के साथ करीब आठ माह पहले हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद अतिरिक्त दहेज के रूप में दुकान करने के लिए ससुराल पक्ष की ओर से एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी।
लड़की ने मायके पक्ष की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर रुपये देने से इन्कार किया तो ससुराल के सभी लोग अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन बाद में उन लोगों का रवैया नहीं बदला। मृतका के पिता ने बताया कि 10 जुलाई की रात करीब नौ बजे से उनकी पुत्री गायब है।
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी गर्भवती बेटी को दहेज के लिए मार कर फेंक दिया है। शनिवार को सूचना के आधार पर पुलिस गन्ने की खेत में पहुंची, जहां नायब तहसीलदार लक्ष्मी वर्मा व राजस्व निरीक्षक बृजेश कुमार की देखरेख में दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।