कप्तानगंज। भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने गन्ना मूल्य बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी तहसील गेट पर धरना दिया। सरकार को किसान विरोधी बताया। धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम योगेश्वर सिंह को नौ सूत्रीय मांगों का पत्रक सौंपा। बुधवार को भी भाकियू नेताओं ने धरना दिया था, लेकिन ज्ञापन नहीं सौंपा और शाम को धरना स्थगित कर दिया था।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ध्रुव नारायण यादव ने कहा कि कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से चीनी मिल प्रशासन ने जमीन बेचकर रुपये हड़प लिया है। जमीन की बिक्री से मिली रकम किसानों को दिलाई जाए। बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में 24-24 घंटे बिजली आपूर्ति गायब रह रही है। क्रय केंद्र पर एक किलो 50 ग्राम की जगह अनाज बेचने पर 400 ग्राम की कटौती की जाती है। इस पर रोक लगाई जाए। मवन नाले के कमजोर बंधे की मरम्मत कराई जाए। इस साल मवन नाले का बांध टूटने से सैकड़ो एकड़ फसल बर्बाद हो गई। किसानों को मुआवजा दिया जाए।
कुछ देर बाद पहुंचे एसडीएम को किसान नेताओं ने मांग पत्र सौंपा। इस दौरान सपा के जिला सचिव विजय यादव, सुभाष कुशवाहा,श्याम सुंदर तिवारी, राकेश सिंह, डाक्टर एसएन कुशवाहा, देवेंद्र यादव, रंजय यादव, उदय प्रसाद फौजी, अशोक मल्ल, शंभू यादव, सुभाष पाठक, सोबरन सिंह, नागेंद्र कुशवाहा, रमेश यादव मौजूद रहे। इसके अलावा भरतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रामचंद्र सिंह के नेतृत्व में लख्मीगंज में बंद पड़ी चीनी मिल को चलाने और कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों के बकाए का भुगतान कराने की मांग की।