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Kushinagar News: खुद ही रहिए सतर्क, लापरवाही हुई तो बिगड़ जाएगी सेहत

Wed, 30 Aug 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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फोटो है।
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अप्रैल से अगस्त तक लिए गए कुल 72 सामान के नमूने की जांच में 53 नमूने निकले फेल

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। दूध, पनीर, तेल, मिठाइयों जैसे पदार्थों में लगातार आ रही मिलावट की रिपोर्ट से लोग चिंतित हैं। रक्षाबंधन पर्व है। लोगों के सामने बड़ी चुनौती है कि कहां से क्या खरीदें कि शुद्ध सामान मिल जाए। लोगों की कोशिश है कि मिठाई और पकवान का स्वाद मिले और सेहत भी न खराब हो।
रक्षाबंधन से त्योहारों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में मिलावटखोरी की आशंका गृहिणियां परेशान हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की यही राय है कि स्वयं ही जांच-परखकर खाएं। जहां तक हो सके मसाले घर में सुखाकर पीस लें। खाद्य सुरक्षा विभाग से अप्रैल से अब तक आए 72 नमूनों की जांच में 53 नमूनों की रिपोर्ट फेल हुई है। जबकि लगातार मिलावट की शिकायतों के कारण विभाग की तरफ से लगातार चल रहे जांच अभियान के बावजूद भी मिलावटखोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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जांच में हुई मिलावट की पुष्टि

खाद्य आयुक्त द्वितीय प्रदीप कुमार राय ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक कुल 72 सामान के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें 53 नमूनों की रिपोर्ट फेल आई है। दूध और पनीर में मानक के अनुसार तत्व नहीं पाए गए हैं, जबकि मिठाई में स्टॉर्च की मात्रा अधिक पाई गई है। इसमें अरारोट, बेसन या मैदा मिलाया गया होगा। खोवा में भी मिलावट मिली है। रिफाइंड आयल में एसिड की मात्रा अधिक थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



हार्ट और लिवर को नुकसान
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सा प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि जिन खाद्य पदार्थों में मानक के अनुसार तत्व नहीं होते हैं, वे सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं। दूध, पनीर या इससे बने सामान में तत्व कम होंगे तो पौष्टिकता कम होगी। स्टाॅर्च की मात्रा अधिक होने से लिपिड प्रोफाइल बदल जाएगा, इससे हार्ट और लिवर पर असर पड़ेगा। इसी तरह एसिड की मात्रा अधिक होगा, तो लिवर खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी, जिससे कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।



घर पर ऐसे करें मिलावट की पहचान

आटा में चाक पाउडर, रेत, अन्य आटा, मैदे की मिलावट की जाती है। गूंथने पर पानी अधिक लगने, रोटी बेलने में समय लगता है, रोटी का आकार नहीं बढ़ता है। रोटी का न फूलना, स्वाद अजीब आने से मिलावट की पहचान की जा सकती है।

- दूध में पानी, यूरिया, फेविकॉल और कास्टिक सोडा की मिलावट की जाती है। इसकी पहचान टिंचर आयोडीन की बूंद डालने पर रंग नीला हो जाता है। वहीं नींबू डालने पर बुलबुले उठने लगते हैं।
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- अरहर दाल में खेसारी दाल, कंकड़, रंग मिलाया जाता है। दाल के रंग, आकार, प्रकार में अंतर से पहचान की जा सकती है।

- मिर्च पाउडर में लाल रंग, ईंट का चूरा, बालू, रोडामाइन की मिलावट की जाती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर मिलाने पर अगर पानी का रंग लाल जाए तो उसमें मिलावट होती है। ईंट व बालू होने पर वह सतह में इकट्ठा हो जाता है।

- पिसे मसाले में बुरादा, रंग, कंकड़, पत्थर, रेत मिट्टी की मिलावट की जाती है। पानी में घोलने पर रंग और अवांछित तत्व अलग हो जाने से पहचान होती है।



ऐसे करें बचाव

- दूध को हाथ पर रखकर देखें, यदि पानी की तरह बह जाए तो मिलावटी होगा।
- पैकेजिंग के डेट देखें और ज्यादा दिन पुराने सामान न खरीदें।
- सरसों खरीदकर तेल निकलवाने की कोशिश करें।
- खड़े मसाले को खरीदें और सुखाकर पीस लें।
- मिलावट की आशंका हो, तो शिकायत करके जांच कराएं।
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