कसया। नगर में चार वर्ष से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नगारिक मामुन सरकार सामान्य व्यक्ति की रहता था। वे नगर के रामकोला रोड स्थित एक दुकान पर फ्लेक्स बोर्ड का काम करता था। वह नगर के दीनदयाल नगर में काफी दिन तक रहा, उसके बाद खोराबर गांव में रहने लगा। वह फ्लेक्स बोर्ड बनाने के काम की वजह से नगर नगर के अधिकांश लोगों से घुल मिल गया था। लेकिन जहांगीर को छोड़ किसी को पता नहीं था कि बांग्लादेशी नागरिक अवैध तरीके कसया में रह रहा है। पुलिस को भी चार साल बाद इसकी भनक लगी।
बांग्लादेश के मुरादनगर जिला कुमिल्ला प्रभाग ढाका निवासी मामुन सरकार पुत्र नानटु सरकार कसया के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी जहांगीर अंसारी के साथ रामकोला रोड पर स्थित मीडिया प्वांइट एडवरटाइजिंग की दुकान पर शाइन फ्लेक्स बोर्ड का काम करता था। बंगलादेश निवासी युवक जहांगीर के घर में काफी दिनों तक रहा। उसके बाद वह खोराबर पतया में सरफराज के घर रहने लगा। वहां से रोज दुकान में काम करने आता था। उसके पास वीजा और पासपोर्ट दोनों था, लेकिन 2020 में ही एक्सपायर हो गया था। वह उसको सही कराने के लिए एक बार कार्यालयों का चक्कर लगा रहा था। लोगों की मानें तो वह एक महिला से बातचीत करता था, उसे अपनी पति से तलाक लेने के लिए कहता था। उससे वह शादी करना चाह रहा था। इन हथकंडों के साथ यहां का नागरिकता पाना चाहता था। इसी दौरान स्थानी प्रशासन को उसके यहां अवैध रूप से रहने की भनक लग गई और उसके साथी सहित पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बांग्लादेशी युवक कसया नगर में सामान्य नागरिक की तरह से कार्य कर रहा था। किसी को भनक नही लग पा रही थी, कि विदेशी नागरिक है। दुकान पर शाइन फ्लेक्स बोर्ड बनाने में माहिर था। दोनों के कारीगरी के वजह से दुकान अच्छी खासी चल रही थी।