पडरौना। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपी की जमानत याचिका शनिवार को न्यायालय ने निरस्त कर दी। रामकोला थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अभियोजन पक्ष की पैरवी विशेष शासकीय अधिवक्ता फूलबदन प्रसाद कर रहे हैंं। उन्होंने बताया कि वादी ने रामकोला थाने में 6 अक्तूबर 2023 को तहरीर दिया था कि 14 सितंबर 2023 की रात में अपने घर में सोए थे। उनकी 15 वर्षीय बेटी भी कमरे में सोई थी। रात के लगभग एक बजे पीछे के रास्ते से घर में घुसकर गांव का ही एक युवक उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। उसके शोर मचाने पर भागते समय लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया था। उसके घरवालों को बुलाया गया। आरोपी के पिता ने लोकलज्जा के कारण आपसी सहमति से निपटाने की बात कहकर छुड़ा लिया और अपने साथ लेकर चले गए। 15 सितंबर को कुछ संभ्रांत लोग मामले को निपटाने की बात कहकर उनके घर आए और अपशब्द कहे। इस तरह तहरीर के आधार पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। आरोपी की तरफ से शनिवार को अपनी जमानत याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट मोहम्मद राशिद के न्यायालय में प्रस्तुत की गई। आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी।