दुदही। बैकुंठपुर कोठी गांव के पात्रों के लिए आए आयुष्मान कार्ड बृहस्पतिवार को कूड़े के ढेर पर पड़े मिले। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। सूचना पर प्रभारी चिकित्साधिकारी पहुंच कर आशा कार्यकर्ता को फटकार लगाई और आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों के घर पहुंच कर स्वयं वितरण किया। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता आयुष्मान कार्ड देने के लिए 20 रुपये की मांग करती थी, नहीं देने पर कूड़े में फेंक दी। दुदही विकास खण्ड के बैकुंठपुर कोठी गांव सीएचसी दुदही से 6 किमी दूरी है। इन गांव में परिवारों को देने के लिए चार वर्ष पूर्व गोल्डन कार्ड स्वास्थ्य विभाग के पास आए थे जो कार्ड आशा कार्यकर्ता को वितरण के लिए दिया गया, लेकिन आशा कार्यकर्ता ने चार वर्ष तक कार्ड लाभार्थियों में वितरयण करने के बजाय घर में रखी रही। मामले की जानकारी के बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ संदीप कुमार पहुंच गए। सूचना पर ग्राम प्रधान नूर आलम भी पहुंच गए। आशा कार्यकर्ता की फटकार लगाई आयुष्मान कार्ड को प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं प्रधान ने लोगों में वितरण किया।