बुधवार को अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। सुबह 9:30 बजे सुभाष चौक रोड पर खड़े एक सीएनजी ऑटो में दो महिलाएं सवार हुईं। इसके पहले से दो पुरुष सवार थे। ऑटो में लगे साउंड सिस्टम पर भोजपुरी गाना बज रहा था देवर हो...। दो मिनट के बाद एक युवती पीछे की सीट पर सवार हुई, लेकिन वह कुछ कारण से उतर गई।
इसके बाद एक महिला आईं। वह बैठीं तो उनके बगल में 40 साल के एक व्यक्ति सवार हुए। उन्होंने अपना मोबाइल फोन निकाला और पूरी सीट पर फैल गए। दो लोगों को आगे बैठाकर ऑटो चालक ने गाड़ी बढ़ा दी। रामकोला रोड पर बस स्टेशन के पास ऑटो पहुंचा तो उसमें दो अन्य महिलाएं भी चढ़ीं। इसके बाद जगह कम पड़ने लगी। पीछे की सीट कुल चार लोग हो गए। इसके बाद भी वह अपनी जगह से टस मस नहीं हुए। वहां से चलकर ऑटो बावली चौक पहुंचा।
चालक ने यहां पर यात्रियों की तलाश की। फिर आगे बढ़ लिया। पुलिस पिकेट से आगे बढ़ते ही चालक ने साउंड की आवाज बढ़ाई तो ऑटो का स्पीडो मीटर 40 से उलछकर 60 पहुंच गया। इस बीच वह मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप मैसेज भी चेक करता रहा। सामने ब्रेकर पर ऑटो वाले ने जोर ब्रेक दबाया तो यात्री उछल पड़े। इसका फायदा उठाकर पीछे बैठे यात्री ने एक महिला से कोहनी सटा दी। महिला थोड़ी असहज हुई। इसके बाद फिर से ऑटो अपनी रफ्तार में आ गया।
शहर में चलने वाले ऑटो में मनमानी तरीके से यात्रियों को बैठाया जाता है। बीच वाली सीट जबरन लगाकर ऑटो चालक लोगों को बैठाते हैं। इससे आमने-सामने बैठने वाले यात्रियों के पैर आपस में टकराते हैं। कम जगह का बेजा फायदा उठाकर मनचले आए दिन महिला यात्रियों से बदसलूकी करते हैं। लेकिन इसकी शिकायत सामने नहीं आ पाती है। मजबूर छात्राएं और महिलाएं चुपचाप सफर कर लेती हैं।
नशे में चलाते हैं ऑटो
एक ऑटो में बैठे दो चालक सिगरेट को खाली करके उसमें कोई मसाला भर रहे थे। उनके अंदाज से ऐसा लगा जैसे वह सिगरेट में कोई दूसरी नशीली वस्तु मिलाकर पीने की तैयारी कर रहे हैं। यात्रियों की मानें तो अधिकांश ऑटो चालक नशे के आदी हैं। ऐसे चालकों के ऑटो में सवार होने पर भी महिलाओं को असहजता होती है।
ये होनी चाहिए सुविधाएं
-सवारी ढोने वाले प्रत्येक वाहन चालक की वर्दी होनी चाहिए। उसके पास परिचय पत्र हो।
- वाहनों की नंबर प्लेट दुरुस्त हो। वह दूर से साफ-साफ नजर आए।
- सभी ऑटो चालक मानक के अनुसार ही सवारी बैठाएं।
- ऑटो पर संचालन का रूट और किराया भी अंकित होना चाहिए।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- वाहन में गाना बजाने पर भी रोक है।
पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने कहा कि ऑटो व ई-रिक्शा में साउंड चेक किया जा रहा है। ऑटो में साउंड सिस्टम से गाने बजाना गलत है। ऑटो या अन्य किसी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री नहीं बैठाए जाने चाहिए। बीच वाली सीट पर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।