तमकुहीराज तहसील में थे आरके लिपिक की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। तहसील में कार्यरत आरके (रेवेन्यू क्लर्क) प्रभारी राजस्व निरीक्षक कार्यालय रामचंद्र प्रसाद का रिश्वत लेने का शुक्रवार को ऑडियो वायरल होने लगा। इसके बाद एसडीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया है। उन्होंने इस मामले की जांच का आदेश दिया है। एक मिनट 22 सेकेंड का यह ऑडियो है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद तरह तरह की चर्चाएं हैं।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इसमें तहसील के आरके रामचंद्र प्रसाद और देवपोखर निवासी राम प्रसाद के बातचीत का अंश बताया जा रहा है। देवपोखर निवासी राम प्रसाद मछली पालन का व्यवसाय करता है और पोखरे की नीलामी के लिए आरके रामचंद्र प्रसाद से बातचीत कर रहा है। बातचीत में एक कह रहा है जो रुपये दिए हैं, फोकट में नहीं दिए हैं। बातचीत में तल्खी के बाद दूसरा पक्ष पैसा वापस करने और काम नहीं करा पाने की बात कह रहा है। एसडीएम विकास चंद ने बताया वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए आरके रामचंद्र प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। ऑडियो क्लिप की जांच कराई जा रहीं है।
लेन-देन के वायरल की कहानी है पुरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। शुक्रवार को एक मिनट 22 सेकेंड के वायरल ऑडियो तमकुहीराज तहसील में तैनात राजस्वकर्मियों के लिए कोई नई बात नहीं है। तमकुहीराज तहसील में तैनात अधिकतर राजस्वकर्मी मनमानी पूर्वक कार्य करते हैं। विधिसम्मत कार्य के लिए भी लेन-देन के आरोप राजस्वकर्मियों पर लगे हैं।
25 फरवरी को रामपुर बंगरा के एक किसान ने राजस्वकर्मी देवचंद प्रसाद पर पैमाइश के नाम पर दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी सोशल मीडिया में लेन-देन के एक मिनट 23 सेकेंड और 24 सेकेंड के दो वीडियो वायरल हुए थे। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एसडीएम व्यास नारायण उमराव ने राजस्वकर्मी देवचंद प्रसाद को निलंबित कर दिया था।
दूसरा मामला 29 मई को सामने आया था। बेदूपार एहतमाली निवासी गोरख निषाद ने तत्कालीन हलका लेखपाल मनोज कुमार के ऊपर विचाराधीन वाद में रिपोर्ट लगाने के लिए दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी 27 सेकेंड का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इस वायरल ऑडियो को संज्ञान लेते हुए एसडीएम विकास चंद ने तत्कालीन लेखपाल मनोज कुमार को निलंबित कर दिया था।