प्रसव के लिए आई महिलाओं से रुपये मांगने का ऑडियो वायरल
- प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही
- प्रसूताओं के परिजनों ने रुपये मांगने का लगाया आरोप
दुदही। क्षेत्र के करीब चार लाख लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बने दुदही सीएचसी में धनउगाही की अक्सर शिकायतें आ रही हैं। इस सीएचसी में प्रसव कराने आई कुछ प्रसूताओं ने स्वास्थ्यकर्मियों पर बिना रुपये लिए प्रसव न कराने का आरोप लगाया है। रविवार को इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ। इसमें स्वास्थ्यकर्मी की तरफ से धनउगाही की बातचीत हो रही है।
रविवार को तीन महिलाएं इस सीएचसी में प्रसव कराने आईं। उन महिलाओं को बेड पर चादर, ओढ़ने के लिए कंबल तक नहीं दिया गया। इतना ही नहीं प्रसव कराने आई महिलाओं को नाश्ता और भोजन भी नहीं दिया गया। उन महिलाओं से कभी जांच तो कभी दवा तो कभी प्रसव के बाद रजिस्टर में नाम चढ़ाने के लिए वसूली की बात सामने आई है। एक महिला के पति ने इसकी ऑडियो रिकार्डिंग भी कर ली और हंगामा खड़ा कर दिया। इनमें तिलकपट्टी निवासी भूपनारायण यादव ने अपनी पत्नी मनीषा को रविवार सुबह नौ बजे दुदही सीएचसी में भर्ती कराया। भूप नारायण यादव ने बताया कि पहले बोतल चढ़ाने के 300 रुपये, इंजेक्शन लगाने के 200 रुपये और प्रसव कराने के 500 रुपये जमा करा लिए गए। कंबल, चादर कुछ नहीं दिया गया। न ही भोजन मिला।
गौरी श्रीराम निवासी दीपक कुशवाहा ने भी अपनी पत्नी बबिता देवी को प्रसव के लिए भर्ती कराया। दीपक ने बताया कि बेड पर चादर व कंबल नहीं था। घर से लेकर आया हूं। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि रुपये देंगे तब प्राइवेट वाला इलाज होगा। रुपये नहीं देंगे तो सरकारी इलाज होगा। भर्ती के लिए 200 और दवा के लिए 400 रुपये लिया गया है। फिर कागज बनाने के लिये रुपये मांगा गया है, लेकिन अभी दिया नहीं हूं।
विजयपुर उत्तरपट्टी निवासी धर्मेंद्र कुमार भी अपनी पत्नी रेनू देवी को प्रसव कराने के लिए सुबह 9.30 बजे सीएचसी में भर्ती कराए। 9.40 बजे बच्चा पैदा हुआ। पहले तीन सौ रुपये बोतल के, 100 रुपये इंजेक्शन के नाम पर लिया गया। कागज बनाने के लिए 500 रुपये मांग किया जाने लगा। धर्मेंद्र की मां विशाल देवी ने बताया कि बेड पर चादर-कंबल कुछ नहीं मिला है। दो बजे तक नाश्ता एवं भोजन नहीं मिला।
कागज देने के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं तो प्रसव कक्ष में तैनात सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी। मामला सत्य होने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अरविंद कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी दुदही सीएचसी