ठोकर डैमेज होने के बाद परक्यूपाइन भी पानी में डूबे
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। एपी बांध पर बाकखास के पास गंडक नदी की कटान नहीं रुक रही है। मंगलवार को तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन लगाया गया, जो पानी में डूब गया। पानी का दबाव लगातार बढ़ने से बंधे की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। वहीं तटवर्ती गांववालों में भी बाढ़ का भय बना हुआ है।
गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख नौ हजार क्यूसेक से घटकर मंगलवार को लगभग 83 हजार क्यूसेक पर आ गया। इसके बावजूद नरवाजोत बांध और एपी बांध पर पानी का दबाव बना हुआ है। इसके चलते नरवाजोत, घघवा जगदीश, बिनटोली, चैनपट्टी, बाकखास सहित कई स्थानों पर गंडक नदी बंधे से टकराती हुई बह रही है। इसकी वजह से कटान तेज हो गई है। अगर डिस्चार्ज बढ़ा तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
बाढ़ खंड की ओर से 2.45 करोड़ की लागत से एपी बांध के बाकखास गांव के सामने किमी 9.600 पर ठोकर निर्माण के साथ बांध की सुरक्षा के लिए जो तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन लगाया गया है, दबाव के चलते पानी में डूब गया है। पप्पू यादव, संजय सिंह, रामनरेश साह, जोगिंदर निषाद, सहदेव चौहान, शंभु यादव आदि का कहना है कि अभी गंडक नदी का डिस्चार्ज कम है, लेकिन बढ़ने पर परेशानी बढ़ जाएगी।
बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि सभी जगहों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित है।