जिला पंचायत की बैठक में हाईमास्ट की कीमत पर विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष को घेरा
खनन अधिकारी, बाढ़ खंड के एक्सईएन और जिला गन्ना अधिकारी की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला पंचायत के सभागार में सोमवार को नियोजन व विकास समिति की बैठक में कई अधिकारियों के नहीं आने पर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे और शोर-शराबे केे बीच 85 करोड़ 41 लाख रुपये के बजट का अनुमोदन किया गया। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल ने की। सदस्यों का तेवर उग्र होते देखकर सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने खनन अधिकारी, बाढ़ खंड के एक्सईएन और जिला गन्ना अधिकारी को बुलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही चल पाई।
वित्तीय वर्ष 2022-23 के पुनरीक्षित आय-व्यय एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 का अनुमानित आय-व्यय तैयार करने के लिए सोमवार को नियोजन व विकास समिति की बैठक बुलाई गई थी। इसमें हाईमास्ट की कीमत को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हो-हल्ला मचाया। सदस्यों ने कहा कि हाईमास्ट 224000 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी पर लिया गया है, जबकि बाजार में प्रत्येक लाइट की कीमत चार हजार रुपये है। एक हाईमास्ट में चार लाइट लगती हैं, जिसकी कीमत 16 हजार हुई। इस पर अपर मुख्य अधिकारी बीएस कुशवाहा ने बताया कि लाइट के साथ ही इसका अन्य खर्च होता है। इसका प्रस्ताव शासन से तय होता है।
बैठक में जिला खनन अधिकारी, बाढ़ खंड के एक्सईएन और जिला गन्ना अधिकारी के उपस्थित नहीं होने की जानकारी होते ही सदस्य नाराज हो गए। सदस्यों ने अनुपस्थित अधिकारियों को बुलाने की जिद करने लगे। हालांकि सीडीओ ने अनुपस्थित अधिकारियों को बुलाने के लिए फोन कराया तो जिला गन्ना अधिकारी आ गए। सपा के जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि अलाउद्दीन अंसारी ने कहा कि जिला पंचायत की तरफ से लगवाए गए 191 हाईमास्ट लाइट के लिए टेंडर निकाला गया था, उसमें और बाजार की कीमत में काफी अंतर है।
सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान कभी एकजुट तो किसी मुद्दे पर सदस्य बिखरे दिखे। अनुपस्थित खनन अधिकारी के विरुद्ध सदस्यों ने कार्रवाई की मांग की तो बाढ़ खंड के अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। खड्डा के विधायक विवेकानंद पांडेय ने सदस्यों को शांत कराया। अपर मुख्य अधिकारी बीएस कुशवाहा से कहा गया कि सदन में चर्चा के दौरान सदस्यों की तरफ से उठाए गए मुद्दों और सुझावों को लिखित रूप से संकलित करने की व्यवस्था की जाए।
इस दौरान बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य, इंजीनियर सुनील सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. बीआर मौर्या, महेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य नीतीश यादव, बलराम राव, ब्लॉक प्रमुख दिग्विजय सिंह लक्ष्मण, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि वशिष्ठ राय, मनोज सिंह, सुधीर राव, जिला पंचायत सदस्य राजन शुक्ल, जनार्दन राय, पुरंदर यादव, विश्वविजय सिंह, शुभम यादव मौजूद रहे।
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जर्जर तार व खंभे नहीं बदलने का मुद्दा भी उठा
जिला पंचायत सदस्य बलराम सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से बिजली के जर्जर तार व खंभे के पुनरोत्थान के लिए सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत घनी आबादी के बीच 11 हजार केवी का हाईटेंशन तार को बदलना है। योजना का संचालन शुरू है, लेकिन टेकुआटार के डीह टोला, अंजहीं, सिधावें के भड़कुड़वा और रामबर बुजुर्ग के सिसवा में घनी आबादी के बीच से हाईटेंशन तार को नहीं हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बसडीला, इंद्रपुर, खैरेटवा, निहाल छपरा, भठहिं बुजुर्ग के सभी मजरे इस योजना से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में सीएमओ को पत्र भेजकर सरकार ने जिले में संचालित पीएचसी व न्यू पीएचसी के प्रभारियों के साथ क्षेत्र के संबंधित जिला पंचायत सदस्य का संयुक्त खाता संचालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी एकल खाता का संचालन कर रहे हैं। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
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धन आवंटन में एकरूपता की मांग
जिला पंचायत सदस्य वरुण राय, गणेश पांडेय और इंजीनियर मनोज सिंह ने विकास कार्य कराने के लिए धन आवंटन में एकरूपता लाने की मांग की। बैठक में सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि बैठक में नहीं आने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी। बैठक को जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल, देवरिया सांसद के प्रतिनिधि राधेश्याम पांडेय आदि ने संबोधित किया।
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कोट
जिला पंचायत की बैठक में शामिल नहीं होने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गुंजन द्विवेदी, सीडीओ