पिपरा बाजार। रोजी-रोटी की तलाश में विदेश कमाने गए महराजगंज के एक युवक की वतन वापसी के लिए उसकी पत्नी ने प्रवासी मदद फाउंडेशन से गुहार लगाई है। महिला ने बताया है कि उसके पति से विदेश में खेती-बाड़ी का काम कराया जाता रहा। परिजनाें ने युवक से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन, संपर्क नहीं हो पाने पर महिला ने अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियाें से भी उसकी वतन वापसी की गुहार लगाई। लेकिन, जब कोई परिणाम नहीं निकला तो महिला ने प्रवासी मदद फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश कुमार से अपना दुख साझा किया।
महराजगंज के नंदाभार गांव के बड़हरा वैध टोला निवासी शहाबुद्दीन अंसारी दो वर्ष पहले रोजी-रोटी की तलाश में सउदी अरब गए। वहां अलकसीम अलरश शहर में अबु फारिश सालेह नामक कफील के यहां काम कर रहे थे। कफील ने शहाबुद्दीन को एक महीने तक काम कराने के बाद मजरा (खेती-बाड़ी) के काम में लगा दिया। शहाबुद्दीन के एतराज करने पर कफील मारपीट कर लगभग दो माह तक जबरदस्ती काम कराता रहा। शहाबुद्दीन ने जब स्वदेश लौटने की गुहार लगाई, तब कफील जान से मारने की धमकी देने लगा। कफील की प्रताड़ना से तंग आकर शहाबुद्दीन चोरी-छिपे सउदी के आभा शहर में दिहाड़ी मजदूर का काम करने लगा। उसके बाद कफील शहाबुद्दीन पर जुर्माना लगा दिया है। शहाबुद्दीन की पत्नी हाजरा खातून ने पति की सकुशल वतन वापसी के लिए प्रवासी मदद फाउंडेशन से मांग की है। संस्था के उपाध्यक्ष प्रदीप पांडेय और राष्ट्रीय महासचिव विजय मद्धेशिया महिला के आवेदन को स्वीकार करते हुए शहाबुद्दीन की वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।