लक्ष्मीगंज। गन्ना किसान संस्थान पिपराइच की तरफ से शुक्रवार को लालाछपरा गांव के भटवलिया टोले में किसान गोष्ठी हुई। किसानों को अधिक उपज देने वाले गन्ने की प्रजाति बोने की सलाह दी गई।
सहायक निदेशक डाॅ. ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि पेड़ी गन्ने की लागत बावग गन्ने से 30 प्रतिशत कम होती है। उसका उत्पादन भी अधिक होता है। उन्होंने पेड़ी गन्ने के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रजातियों, कीट-रोग, खरपतवार नियंत्रण, ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई के लाभ, सहफसली खेती आदि के बारे में बताया। वरिष्ठ गन्ना वैज्ञानिक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि गन्ने की अधिक उपज देने वाली प्रजाति को. 14201, को.शा. 9232, 13235 और को.118 आदि हैं। किसान इस प्रजाति की बुआई करें। इससे उपज भी बढ़ेगी और चीनी परता में भी वृद्धि होगी। गोष्ठी को रामकोला चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक उमेश चौरसिया आदि ने संबोधित किया। इस दौरान प्रेम नाथ यादव, ओमप्रकाश यादव, हरिनारायण कुशवाहा, हरिंद्र यादव, दीना कुशवाहा, देवनारायण, नर्बदा यादव, गौरीशंकर यादव, संतोष यादव आदि मौजूद रहे।