प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ने 15 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर मांगा स्पष्टीकरण
केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लगाई गई थी ड्यूटी, जांच में खुली पोल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मथौली बाजार। एएनएम सेंटर और हेल्थ वेलनेस सेंटर पर 15 कर्मचारियों की टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। सेंटर बंद होने की शिकायतें अक्सर उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही थीं। सोमवार को सीएचसी अधीक्षक जांच के लिए सेंटरों पर पहुंचे तो ताला बंद मिला। कार्य में भी कोई प्रगति नहीं थी। चिकित्सा अधीक्षक ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
मथौली सीएचसी के एएनएम सेंटरों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तथा पात्रता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सेंटर बंद होने की शिकायत सीएचसी अधीक्षक के पास गांवों से आ रही थी। पूछने पर एएनएम अधिकारी को गुमराह कर रही थीं।
सोमवार को सीएचसी अधीक्षक ने सभी सेंटरों की जांच की। एक भी सेंटर पर एएनएम और सीएचओ नहीं मिलीं। कुछ सेंटरों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा मौजूद रहीं। पूछने पर बताया कि फोन कर सभी जानकारी शाम को एएनएम को दी जाती है। कभी-कभी सेंटर पर आती हैं।
एएनएम मीना देवी, कुसुमावती देवी, रंजू देवी, प्रेमशीला देवी, पूजा भारती, प्रियंका पटेल, प्रियंका पासवान, जय त्रिपाठी, सरस्वती देवी, गुड़िया मिश्रा, सुमन सिंह, बबिता, चित्ररेखा देवी, रिंकी, सुनीता देवी और सीएचओ को नोटिस जारी किया गया है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों में खलबली मची है। लापरवाह एएनएम के लिए कई जनप्रतिनिधियों ने भी पैरवी करनी शुरू कर दी है, ताकि कार्रवाई न हो।
अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार मद्धेशिया ने बताया कि कार्य में लापरवाही और जांच में ड्यूटी से गायब रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्रवाई के लिए सीएमओ को भी पत्र लिखा गया है।