- बाजार और प्रमुख मार्गों पर छुट्टा पशुओं की हो गई है भरमार
पडरौना। छठ पर्व के अवसर पर शहर में पूजा एवं अन्य सामग्री की खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ गई है। सड़कों के किनारे फलों व अन्य पूजन सामानों की दुकानें लगीं हैं। वहीं, बाजारों में छुट्टा पशुओं ने भी ढेरा डाल लिया है। भीड़ में घूमने के दौरान अचानक दुकान पर झपट्टा मारकर फल खाने का प्रयास करते हैं। दुकानदार भगाते हैं तो पशु हादसों का कारण बन जा रहे हैं। वहीं सड़क पर बीच में बैठने के कारण जाम भी लग रहा है। नगरपालिका प्रशासन की तरफ से इन्हें हटाने का कोई प्रबंध नहीं किया जा रहा है।
महापर्व छठ के अवसर पर बाजार सजे हुए हैं। आवश्यक सामग्री की खरीददारी के लिए महिलाओं के साथ-साथ अन्य लोग भी बाजारों में आ रहे हैं, लेकिन सड़कों और बाजारों पर घूमते छुट्टा पशु जाम के साथ-साथ दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण दे रहे हैं। हाल यह है कि शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में घूमते समय कई लोगों को चोटिल कर चुके हैं। दुकानों में लगे फल, कच्ची हल्दी, गंजी, सुथनी, सिंघाड़ा, अन्ननास मुंह में दबाकर चल दे रहे हैं। इससे दुकानदार भी परेशान हैं।
पशु आश्रय स्थल पहुंचाने का अभियान फेल
जिला प्रशासन ने शहरों, बाजारों और अन्य स्थानों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय स्थल में संरक्षित करने का अभियान चलाया है। इसके लिए प्रत्येक नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद को निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को शहरी क्षेत्र और सीडीओ को ग्रामीण क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। यह अभियान 01 नवंबर से ही जारी है, बावजूद इसके बाजारों और शहरों में छुट्टा पशु घूम रहे हैं।
कुछ जगहों से शिकायतें मिली हैं। 1 नवंबर से जिलाधिकारी के निर्देश पर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थलों में संरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए आदेश जूम मीटिंग और लिखित रुप से सभी नगर पंचायत और नगर पालिका परिषदों के अधिकारियों को दिया गया है।
-डॉ. रवींद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
पडरौना के ईओ जवाब देना मुनासिब नहीं समझते
जब पडरौना नगरपालिका के ईओ संतराम सरोज से दूरभाष पर संपर्क कर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मामले पर उत्तर देने के बजाय व्यस्तता बताकर बात करने से इंकार कर दिया।
छुट्टा पशु ठेले पर रखे फलों और अन्य सामानों को खा जाते हैं। ग्राहक डर के मारे दुकान से दूर हो जाते हैं। इससे हमारा नुकसान हो रहा है।
- मुकेश चौरसिया, फल व्यवसायी
छुट्टा पशु घंटों दुकानों के सामने खड़े रहते हैं। इस वजह से जाम तो लगता ही है, साथ ही इनसे डर कर लोग दुकानों में नहीं आते हैं।
- निर्मल किशोर अग्रवाल, कपड़ा व्यवसायी