सलेमगढ़। सेवरही ब्लॉक के गांव हफुआ चर्तुभुज में ओवरहैड टैंक से पिछले नौ दिन से पेयजल की आपूर्ति बंद है। इससे नाराज ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए। आरोप लगाया कि जल निगम के जेई से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। आजिज आकर उनको यह कदम उठाना पड़ा है। जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर प्रधान प्रतिनिधि को करीब साढ़े नौ बजे नीचे उतारा। तहसीलदार और जल निगम के जेई भी मौके पर पहुंच गए। उसके बाद ओवरहेड टैंक से पेयजल की आपूर्ति शुरू कराई गई।
मंगलवार देर रात 11 बजे सेवरही ब्लॉक के हफुआ चर्तुभुज के प्रधान प्रतिनिधि चंदन ठाकुर ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जल निगम ने ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वह बुधवार की सुबह ओवरहेड टैंक पर चढ़कर प्रदर्शन करेंगे। बुधवार की सुबह आठ बजे ही वह ओवरहेड टैंक पर चढ़कर धरना देने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी बहादुरपुर के प्रभारी विनय कुमार मिश्र, एसआई विमलेश द्विवेदी, रणजीत सिंह समेत पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। टंकी पर चढ़े प्रधान प्रतिनिधि को समझा-बुझाकर नीचे उतरवाया। सूचना के बाद तहसीलदार तमकुहीराज चंदन शर्मा, जेई आदित्य सिंह, पारितोष दुबे, कानूनगो अशोक वर्मा, ऑपरेटर शिवनाथ मिश्र ने प्रधान प्रतिनिधि व ग्रामीणों को सुचारु पेयजल आपूर्ति का आश्वासन दिया। थोड़ी ही देर बाद गांव वालों की सहमति से आपूर्ति शुरू करा दी गई।
वहीं, सोमवार को जल निगम की ओर से ओवरहेड टैंक की व्यवस्था ग्राम पंचायत को सौंप देने का निर्णय लिया गया। तहसीलदार तमकुहीराज चंदन शर्मा ने बताया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है। 15 अप्रैल को ओवरहेड टैंक को ग्राम सभा को जल निगम की ओर से हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति की सभी व्यवस्थाएं ग्राम सभा संचालित करेगा।
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घटनाक्रम
- सुबह 8:30 बजे प्रधान प्रतिनिधि ओवरहेड टैंक पर चढ़े
- 9 बजे चौकी प्रभारी बहादुरपुर विनय कुमार मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे
- 9:30 बजे प्रधान प्रतिनिधि ओवरहेड टैंक से नीचे उतरे
- 10:10 बजे कानूनगो अशोक वर्मा पहुंचे
- 10:15 बजे जल निगम के जेई आदित्य सिंह पहुंचे
- 10:20 बजे तहसीलदार चंदन शर्मा मौके पर पहुंचे और वार्ता शुरू हुई
- 10:30 बजे बातचीत के बाद गांववालों व प्रधान प्रतिनिधि से सहमति के बाद पेयजल आपूर्ति शुरू हुई
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ओवरहेड टैंक पर चढ़ने को लेकर कई तरह की चर्चा
तमकुहीराज। हफुआ चतुर्भुज गांव के कमलेश जायसवाल ने एक अप्रैल को ग्राम प्रधान और जिम्मेदारों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए एसडीएम को पत्र देकर गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की थी। एसडीएम ने जांच के लिए बीडीओ सेवरही को नामित किया है। मगर, जांच शुरू नहीं हो सकी है।
गांव के कुछ लोगों का कहना है कि प्रधान प्रतिनिधि चंदन ठाकुर रणनीति के तहत दबाव बनाने और जांच को प्रभावित करने के लिए टंकी पर चढ़े थे। उन्होंने किसी सक्षम अधिकारी को इसकी सूचना भी नहीं दी थी। लोगों का कहना था कि लोग हर दिन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाते हैं। अगर इसी तरह लोग पानी टंकी और टॉवर पर चढ़ने लगे तो प्रशासन के लिए सिर दर्द बन जाएगा। तहसीलदार चंदन शर्मा का कहना था कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए सक्षम अधिकारी के पास शिकायत करना ही बेहतर है। प्रधान प्रतिनिधि को चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसा कृत्य किया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।