कसया थाना क्षेत्र की निवासी है बालिका
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कसया थाना क्षेत्र की 13 साल की एक बालिका को शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी की जमानत याचिका न्यायालय ने सोमवार को खारिज कर दी। घटना नौ जुलाई की है, जिसमें जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
अभियोजन पक्ष की तरफ़ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार तिवारी ने बताया कि मुकदमे के वादी कसया थाना क्षेत्र के निवासी बालिका के पिता ने थाने में तहरीर दी थी।
उन्होंने बताया कि उनकी 13 साल की बेटी नौ जुलाई को सुबह करीब साढ़े आठ बजे विद्यालय जाने के लिए घर से साइकिल से निकली थी। ग्यारह बजे विद्यालय से फोन आया कि आपकी लड़की स्कूल नहीं आई है। वादी ने बताया कि उनकी बेटी सुबह साढ़े आठ बजे ही विद्यालय के लिए घर से निकली है। उसके बाद से परिवार के लोग उसे ढूंढने लगे। रिश्तेदारों से पता किए, लेकिन नहीं मिली।
शाम को जानकारी हुई कि गांव का एक व्यक्ति उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और खोजबीन की तो लड़की मिली। विवेचना और बालिका के बयान के बाद मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गई।
आरोपी ने इस मामले में जमानत के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट के न्यायालय में याचिका दायर की। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के प्रभारी न्यायाधीश व विशेष न्यायालय शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने जमानत याचिका खारिज कर दी।